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दुकान के पीछे रखे थे तीन सिलिंडर, फटते तो होती तबाही, प्लास्टिक और फाइबर के खिलौनों से भड़की आग

 

गर्म सिलेंडर का तापमान कम करने के लिए बाहर पानी का छिड़काव किया गया तथा पड़ोस से ठंडा पानी लाकर उस पर डाला गया। गैस एजेंसी के कर्मचारी को बुलाकर सिलेंडर की जांच कराई गई। पहली मंजिल पर स्थित रसोईघर से दो सिलेंडर भी बाहर निकाले गए। यह इमारत घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है, जहां दुकानों के साथ-साथ बड़ी संख्या में आवास भी हैं। सड़क संकरी होने के कारण अग्निशमन वाहनों का वहां पहुंचना कठिन हो जाता। बचाव अभियान में टीम को कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा।
भवन में प्रवेश करने और बाहर निकलने का केवल एक ही रास्ता
मिठाई की दुकान की तीन मंजिला इमारत में प्रवेश करने और बाहर निकलने का केवल एक ही रास्ता है। हर कोई यहीं आता-जाता है। यह रास्ता आंगन और रसोईघर तक जाता है। जब मुख्य अग्निशमन अधिकारी और नवाबगंज इंस्पेक्टर ने इमारत का निरीक्षण किया तो उन्हें खतरे का अहसास हुआ।