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अमृतपुर में गंगा बाढ़ से हजारों बीघा फसल बर्बाद, 10 दिन से जलभराव; 8 से ज्यादा गांवों में बिजली ठप

 

फर्रुखाबाद के अमृतपुर क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई गांवों में पिछले करीब 10 दिनों से जलभराव है। बाढ़ के पानी से हजारों बीघा फसल बर्बाद होने की बात सामने आई है। वहीं, 8 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

लगातार जलभराव के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह सड़क और संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।

हजारों बीघा फसल पानी में डूबी

गंगा के बढ़े जलस्तर का सबसे ज्यादा असर खेती पर पड़ा है। खेतों में पानी भरने से किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बड़ी मात्रा में कृषि भूमि कई दिनों से पानी में डूबी हुई है।

किसानों को फसल खराब होने से आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराने और उचित मदद उपलब्ध कराने की मांग की है।

8 से ज्यादा गांवों में बिजली सप्लाई ठप

बाढ़ के कारण क्षेत्र के 8 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। कई दिनों से बिजली नहीं आने के कारण ग्रामीणों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है।

बिजली के साथ-साथ पेयजल और मोबाइल चार्जिंग जैसी रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से जलभराव के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

नाव खरीदकर आवागमन कर रहे ग्रामीण

पानी का स्तर बढ़ने और रास्तों के डूबने के बाद ग्रामीणों ने खुद आवागमन का इंतजाम करना शुरू कर दिया है। कई ग्रामीण नाव खरीद रहे हैं, ताकि बाढ़ के बीच जरूरी सामान लाने-ले जाने और आवाजाही में सुविधा हो सके।

बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों की निर्भरता नावों पर बढ़ गई है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

प्रशासन से राहत की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित गांवों में बिजली बहाल कराने, जल निकासी की व्यवस्था करने और जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने की मांग की है।

प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति पर नजर रखे जाने और प्रभावित इलाकों में आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि 10 दिन से जलभराव के कारण उनकी परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।

फिलहाल गंगा के जलस्तर और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर प्रशासन नजर बनाए हुए है। किसानों को फसल नुकसान और ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं के बाधित होने से दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।