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राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर पद की भर्ती के लिए अब होगी लिखित परीक्षा

 

उत्तर प्रदेश सरकार ने राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर (सहायक आचार्य) के पद पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा अनिवार्य कर दी है। बृहस्पतिवार को कैबिनेट ने उच्च शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी। अब तक इन पदों पर भर्ती के लिए सिर्फ साक्षात्कार के आधार पर चयन किया जाता था, लेकिन लिखित परीक्षा के बाद चयन प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया जाएगा।

प्रस्ताव में संशोधन

यह कदम उच्चतर शिक्षा सेवा नियमावली में संशोधन के तहत उठाया गया है, जो उच्च शिक्षा विभाग की ओर से प्रस्तुत किया गया था। अब असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा और साक्षात्कार दोनों प्रक्रियाओं को संयोजित किया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्यायिकता को सुनिश्चित करना है, ताकि योग्य और योग्यतम उम्मीदवारों का चयन किया जा सके।

भर्ती प्रक्रिया में क्या होगा बदलाव?

अब तक राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए भर्ती का आधार साक्षात्कार हुआ करता था। लेकिन अब, लिखित परीक्षा के माध्यम से उम्मीदवारों के सैद्धांतिक ज्ञान और विषय की समझ का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद साक्षात्कार प्रक्रिया होगी, जिसमें उम्मीदवार की व्यक्तिगत योग्यता और शैक्षिक दृष्टिकोण को परखा जाएगा।

उच्च शिक्षा मंत्री का बयान

उच्च शिक्षा मंत्री ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि, "लिखित परीक्षा के माध्यम से केवल शैक्षिक योग्यता नहीं बल्कि व्यावहारिक ज्ञान और समझ का भी परीक्षण किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल योग्य और सक्षम शिक्षक ही छात्रों को शिक्षा प्रदान करें।"

भर्ती प्रक्रिया की समयसीमा

इसके साथ ही मंत्री ने यह भी कहा कि, भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि छात्रों को समय पर अच्छे शिक्षक मिल सकें। उच्च शिक्षा विभाग अब लिखित परीक्षा और साक्षात्कार की तारीखों के बारे में जल्द ही सूचनाएं जारी करेगा।