यूपी सरकार का बड़ा फैसला, 75 जिला पंचायत अध्यक्षों को बनाया गया प्रशासक
उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायत व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के सभी मौजूदा 75 जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक नियुक्त कर दिया है। पंचायती राज विभाग ने शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे इस संबंध में आदेश जारी किया। इससे पहले सरकार प्रधानों को प्रशासक बनाने का फैसला ले चुकी है।
पंचायती राज विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रदेश के सभी जिलों में वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अब प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे। यह व्यवस्था जिला पंचायतों के कामकाज को सुचारु रूप से संचालित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
सरकार के इस फैसले के बाद अब जिला पंचायतों से जुड़े प्रशासनिक और विकास कार्यों की जिम्मेदारी मौजूदा अध्यक्षों के पास रहेगी। प्रशासक के रूप में वे जिला पंचायत के कार्यों का संचालन करेंगे और जरूरी निर्णय ले सकेंगे।
गौरतलब है कि पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद अक्सर नई पंचायतों के गठन तक प्रशासक नियुक्त किए जाते हैं। इसी प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार ने जिला पंचायत अध्यक्षों को यह जिम्मेदारी सौंपी है।
इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायत स्तर पर भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करते हुए प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी दी थी। अब जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक बनाए जाने के बाद त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के संचालन को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था अस्थायी तौर पर लागू की गई है। नई पंचायतों के गठन और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
सरकार के इस निर्णय को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है। जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक बनाए जाने से स्थानीय स्तर पर उनकी भूमिका और जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं।
वहीं, जिला स्तर पर विकास योजनाओं और पंचायत से जुड़े कार्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पंचायतों के कामकाज में किसी तरह की रुकावट न आए, इसके लिए प्रशासकों की नियुक्ति की गई है।
अब सभी जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक के रूप में अपने-अपने जिलों में पंचायत संबंधी कार्यों का संचालन करेंगे। सरकार के इस आदेश के बाद प्रदेश की पंचायत व्यवस्था में नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू हो गई है।