प्रयागराज में कॉलोनियों के नाम में बढ़ा ‘पुरम’ का चलन, बदल रही शहर की पहचान
किसी शहर में किसी जगह का पता पूछते ही अक्सर उसके नाम से उस इलाके की पहचान हो जाती है। प्रयागराज में भी लंबे समय तक गंज, बाग, विहार और एन्क्लेव जैसे नाम लोगों की जुबान पर सुनाई देते रहे हैं। लेकिन अब शहर के बदलते शहरी स्वरूप के साथ कॉलोनियों और नई आवासीय योजनाओं के नामकरण का अंदाज भी बदल रहा है। इन दिनों प्रयागराज में एक शब्द तेजी से लोकप्रिय हो रहा है—‘पुरम’।
नई आवासीय योजनाओं और विकसित हो रही कॉलोनियों के नाम के साथ ‘पुरम’ जोड़ने का चलन लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में शहर के नए इलाकों की पहचान अब पारंपरिक नामों के साथ-साथ आधुनिक और संस्कृतनिष्ठ नामों से भी होने लगी है।
‘पुरम’ वाले नाम क्यों हो रहे लोकप्रिय?
‘पुरम’ शब्द का अर्थ सामान्य तौर पर नगर या बस्ती से जुड़ा माना जाता है। यही वजह है कि आवासीय कॉलोनियों के नाम में इसका इस्तेमाल आकर्षक और व्यवस्थित शहरी पहचान देने के लिए किया जा रहा है। प्रयागराज में जैसे-जैसे शहर का विस्तार पुराने इलाकों से बाहर नई आवासीय योजनाओं और कॉलोनियों की ओर हुआ, वैसे-वैसे उनके नाम भी नए अंदाज में रखे जाने लगे। अब बिल्डर और कॉलोनी विकसित करने वाले लोग ऐसे नाम पसंद कर रहे हैं, जिनमें आधुनिकता के साथ भारतीय भाषाई और सांस्कृतिक छाप भी नजर आए।
पहले ‘गंज’, ‘बाग’ और ‘विहार’ का था चलन
प्रयागराज के पुराने इलाकों के नामों पर नजर डालें तो गंज, बाग और विहार जैसे शब्द लंबे समय से इस्तेमाल होते रहे हैं। वहीं नई कॉलोनियों में ‘एन्क्लेव’ जैसे शब्दों का भी खूब इस्तेमाल हुआ।‘विहार’ शब्द ने खास तौर पर शहरों में विकसित होने वाली आवासीय कॉलोनियों के नामों में अपनी जगह बनाई। अब इसके साथ एक नया ट्रेंड जुड़ता दिखाई दे रहा है। कई नई आवासीय परियोजनाओं के नाम में ‘पुरम’ शामिल किया जा रहा है।
शहर के विस्तार के साथ बदल रहा नामकरण
प्रयागराज में शहरी क्षेत्र लगातार फैल रहा है। शहर के पुराने और घने इलाकों के अलावा बाहरी क्षेत्रों में भी नई कॉलोनियां और आवासीय परियोजनाएं विकसित हो रही हैं। इन नए इलाकों को अलग पहचान देने के लिए नामकरण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।‘पुरम’ इसी बदलते ट्रेंड का हिस्सा माना जा रहा है। इससे कॉलोनी के नाम में एक ओर जहां भारतीयता का भाव जुड़ता है, वहीं दूसरी ओर यह नाम सुनने में आधुनिक आवासीय परियोजना की पहचान भी देता है।
पता बताने के अंदाज में भी दिख रहा बदलाव
शहर में बढ़ते इस चलन का असर आम लोगों की बातचीत में भी नजर आने लगा है। पहले किसी का पता पूछने पर गंज, बाग, विहार या एन्क्लेव जैसे नाम सुनने को मिलते थे, लेकिन अब ‘पुरम’ वाले नाम भी तेजी से सुनाई दे रहे हैं।यानी प्रयागराज सिर्फ भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि अपनी कॉलोनियों और आवासीय इलाकों के नामकरण के लिहाज से भी बदल रहा है। पुराने नामों के बीच ‘पुरम’ की बढ़ती मौजूदगी शहर के बदलते शहरी चरित्र और नई पीढ़ी की आवासीय पसंद की एक झलक देती है।