विंध्याचल नवरात्र मेले में पुलिस का दिखा मानवीय चेहरा, बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं का बन रही सहारा
आमतौर पर कानून-व्यवस्था संभालने और अपराधियों पर सख्ती दिखाने वाली पुलिस का मानवीय चेहरा शारदीय नवरात्र के दौरान विंध्याचल मेले में देखने को मिल रहा है। हाथों में लाठी लेकर भीड़ को नियंत्रित करने वाले पुलिसकर्मी यहां बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं की मदद करते नजर आ रहे हैं। मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं को सुविधा देने के लिए पुलिसकर्मी सुरक्षा के साथ सेवा की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।
बुजुर्गों और दिव्यांगों की मदद कर रहे जवान
नवरात्र के दौरान विंध्याचल धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भीड़ के बीच बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में पुलिसकर्मी उनकी सहायता कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें सहारा देकर आगे बढ़ने में मदद कर रहे हैं।
भीड़ नियंत्रण के साथ सेवा पर भी जोर
विंध्याचल मेले में पुलिस की जिम्मेदारी केवल भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है। श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान परेशानी न हो, इसके लिए पुलिसकर्मी उनकी जरूरतों का भी ध्यान रख रहे हैं। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लोगों को रास्ता दिखाना और जरूरतमंद श्रद्धालुओं की मदद करना भी व्यवस्था का हिस्सा है।
श्रद्धालुओं के लिए राहत का काम
नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों को सहायता मिलने से उन्हें दर्शन करने में सहूलियत होती है। पुलिसकर्मियों की इस पहल से सुरक्षा व्यवस्था के साथ मानवीय संवेदनशीलता का संदेश भी सामने आ रहा है।
विंध्याचल मेले में पुलिस का यह रूप बताता है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ जरूरतमंदों की मदद करना भी पुलिस की अहम जिम्मेदारी है। श्रद्धालुओं की सहायता में जुटे जवान नवरात्र के दौरान सेवा और संवेदनशीलता की मिसाल पेश कर रहे हैं।