घाघरा नदी में फिर उफान, खतरे के निशान से महज 5 सेंटीमीटर नीचे पहुंचा जलस्तर; गोंडा में हाई अलर्ट
जिले में घाघरा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 4 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बाद घाघरा नदी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गई है और अब यह लाल निशान से महज 5 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।
बुधवार सुबह विभिन्न बैराजों से घाघरा नदी में तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। पानी का दबाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए गोंडा प्रशासन ने करनैलगंज और तरबगंज तहसील के नदी किनारे बसे गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की ओर से बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। राजस्व विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए ग्रामीणों को नदी के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर का असर तटीय क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। कई निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन ने नावों, राहत सामग्री और बचाव उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक, बैराजों से छोड़े गए पानी का असर आने वाले घंटों में नदी के जलस्तर पर पड़ सकता है। ऐसे में नदी किनारे बसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर की मॉनिटरिंग कर रहा है और हर घंटे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
गौरतलब है कि मानसून के दौरान घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से गोंडा जिले के कई इलाकों में हर साल बाढ़ का खतरा बना रहता है। करनैलगंज और तरबगंज तहसील के कई गांव नदी के प्रभाव क्षेत्र में आते हैं। पिछले अनुभवों को देखते हुए प्रशासन इस बार पहले से ही तैयारियों में जुटा हुआ है।
फिलहाल घाघरा नदी खतरे के निशान के बेहद करीब बह रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें। आने वाले कुछ घंटों में नदी के जलस्तर पर सभी की नजर बनी हुई है।