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हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने होली से पहले मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी छापेमारी की

 

यूपी के हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने होली के त्योहार से पहले बड़ी छापेमारी कर मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग की टीम ने मेरठ रोड स्थित एक निर्माण इकाई पर गुप्त सूचना के आधार पर दबिश दी, जहां भारी मात्रा में रंगीन कचरी और सेवइयां तैयार की जा रही थीं।

सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी खाद्य सामग्री की सुरक्षा और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा के उद्देश्य से की गई। मौके पर निरीक्षण के दौरान विभाग ने पाया कि कई उत्पाद मानक और स्वच्छता नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्ध सामग्री को जब्त कर लिया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई होली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए की गई है। उन्होंने कहा, “त्योहार के दौरान बाजार में मिठाइयों और फूड आइटम की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय पर मिलावटखोर उपभोक्ताओं को ठगने और स्वास्थ्य जोखिम पैदा करने का प्रयास करते हैं। हम किसी भी प्रकार की अनियमितता और मिलावट को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने विभाग की इस पहल का स्वागत किया। उनका कहना है कि त्योहार के दौरान स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिलना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि खाद्य सुरक्षा नियमों का नियमित निरीक्षण जारी रखा जाए।

विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों के समय बाजार में मिलावट और असुरक्षित खाद्य सामग्री का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने उपभोक्ताओं को भी चेतावनी दी कि वे सिर्फ विश्वसनीय दुकानों और प्रमाणित उत्पादों से ही मिठाइयां और फूड आइटम खरीदें।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए निर्माण इकाई के स्वामी और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारीयों ने कहा कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए अधिक सख्त निगरानी और गुप्त निरीक्षण जारी रहेगा।

गढ़मुक्तेश्वर में होली से पहले इस छापेमारी ने यह संदेश दिया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को कोई खतरा नहीं लिया जाएगा। अधिकारियों ने अपील की कि किसी भी संदिग्ध फूड आइटम की सूचना तुरंत विभाग को दी जाए।

इस प्रकार, हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई त्योहार के समय उपभोक्ताओं की सुरक्षा और बाजार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है।