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मनौना धाम से चोरी बच्चा दिल्ली में 5 लाख में बिकने वाला था, एनकाउंटर के बाद खुला पूर्वांचल का ये बड़ा राज
 

 

उत्तर प्रदेश के मनौना धाम से अपहृत डेढ़ साल के मासूम ऋषभ को पुलिस ने साहसिक कार्रवाई करते हुए सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद बच्चे को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ाया गया। इस घटना ने पूरे पूर्वांचल क्षेत्र में सक्रिय बच्चा चोरी गिरोह की आशंकाओं को और गहरा कर दिया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी मासूम को पहले लखीमपुर ले गए थे और बाद में दिल्ली में 5 लाख रुपये में बेचने की योजना बना रहे थे।

घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया था। मनौना धाम से अचानक बच्चे के गायब होने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कई टीमों का गठन कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी की। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

जानकारी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि अपहरणकर्ता बच्चे को लेकर दूसरे जिले की ओर भाग रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी घायल हो गया, जबकि अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया। इसी दौरान मासूम ऋषभ को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि बच्चा चोरी के बाद उसे पहले लखीमपुर ले जाया गया, जहां से दिल्ली में बेचने की तैयारी थी। गिरोह के सदस्य कथित तौर पर ऐसे बच्चों को निशाना बनाते हैं, जिन्हें आसानी से बेचकर मोटी रकम हासिल की जा सके। पुलिस को आशंका है कि यह गैंग लंबे समय से सक्रिय है और इसके तार कई राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को और तेज कर दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गैंग ने पहले कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

मासूम ऋषभ के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो बच्चे को ढूंढ पाना बेहद मुश्किल हो सकता था। वहीं इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों पर विशेष नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बच्चा चोरी जैसे संगठित अपराध अब छोटे शहरों और धार्मिक स्थलों तक भी पहुंच चुके हैं, जिनसे निपटने के लिए सतर्कता बेहद जरूरी है।