रूस-यूक्रेन युद्ध में शहीद हुए कानपुर के सागर का शव पहुंचा घर, पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल; बेटी बोली- पापा से बात करा दो
रूस-यूक्रेन युद्ध में जान गंवाने वाले कानपुर के रहने वाले सागर का शव आखिरकार उनके घर पहुंच गया। जैसे ही ताबूत में बंद सागर का पार्थिव शरीर परिजनों के सामने आया, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। पत्नी और मां ने शव देखते ही खुद को रोक नहीं पाया और ताबूत से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगीं। परिवार की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
परिजनों का कहना है कि उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा कि सागर हमेशा के लिए उन्हें छोड़कर चले गए हैं। पत्नी और मां बार-बार यही कहती रहीं कि उन्हें आखिरी बार सागर का चेहरा दिखाया जाए। उन्होंने प्रशासन और अधिकारियों से गुहार लगाई कि एक बार उनके बेटे और पति का चेहरा उन्हें दिखा दिया जाए, ताकि वे अंतिम दर्शन कर सकें।
बेटी की मासूम पुकार ने सबको रुलाया
सागर की छोटी बेटी अपने पिता के लौटने का इंतजार कर रही थी। जब उसे पता चला कि उसके पापा अब इस दुनिया में नहीं हैं तो वह रोते हुए कहने लगी- "मुझे पापा से बात करा दो।" बच्ची की यह मासूम पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। परिवार के सदस्यों ने उसे संभालने की कोशिश की, लेकिन पिता को खोने का दर्द उसके आंसुओं में साफ दिखाई दे रहा था।
रूस-यूक्रेन युद्ध में हुई थी मौत
बताया जा रहा है कि सागर रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान मारे गए थे। वह किसी तरह रूस पहुंचे थे और वहां युद्ध से जुड़े हालात में उनकी मौत हो गई। लंबे इंतजार के बाद उनका पार्थिव शरीर भारत लाया गया और फिर कानपुर स्थित उनके घर पहुंचाया गया।
परिवार पिछले कई दिनों से सागर के शव के आने का इंतजार कर रहा था। शव पहुंचने के बाद घर के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और सभी ने नम आंखों से सागर को श्रद्धांजलि दी।
गांव और इलाके में शोक का माहौल
सागर की मौत की खबर से उनके गांव और आसपास के इलाके में शोक की लहर है। बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। स्थानीय लोगों ने बताया कि सागर परिवार के लिए काफी महत्वपूर्ण थे और उनकी मौत से पूरा परिवार टूट गया है।
परिजनों ने सरकार से भी मांग की है कि उन्हें हर संभव मदद दी जाए। उनका कहना है कि सागर की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती, लेकिन परिवार के भविष्य के लिए सरकार को सहयोग करना चाहिए।
फिलहाल सागर का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किए जाने की तैयारी की जा रही है। परिवार, रिश्तेदार और स्थानीय लोग भारी मन से उन्हें अंतिम विदाई देने की तैयारी में जुटे हैं।