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नोएडा से लापता बाउंसर अजय चौधरी का नाले में मिला शव, पत्नी को भेजी थी ऑटो की फोटो; हत्या की आशंका

 

नोएडा से लापता हुए बाउंसर अजय चौधरी की मौत का मामला सामने आया है। करीब एक सप्ताह तक तलाश के बाद उनका शव दिल्ली के गाजीपुर फूल मंडी के पास एक नाले से बरामद हुआ। अजय 24 सितंबर की रात ड्यूटी खत्म करने के बाद घर लौट रहे थे। सफर के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी को ऑटो की फोटो और नंबर प्लेट की तस्वीर भेजी थी। इसके कुछ देर बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। शव मिलने के बाद परिवार ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

ड्यूटी के बाद ऑटो से निकले थे घर

अजय चौधरी नोएडा के सेक्टर-121 में एक कारोबारी के यहां ड्राइवर और बाउंसर के तौर पर काम करते थे। 24 सितंबर की रात ड्यूटी खत्म करने के बाद वह सेक्टर-71 से ऑटो लेकर घर के लिए निकले थे। बताया जा रहा है कि रास्ते में छिजारसी के पास उनका ऑटो चालक से विवाद भी हुआ था। इसके बाद उन्होंने दूसरा ऑटो लिया और आनंद विहार की तरफ चले गए।

आनंद विहार पहुंचने के बाद अजय ने एक दुकान से पानी और नमकीन खरीदी। इसी दौरान उन्होंने दुकान और ऑटो की फोटो अपनी पत्नी को भेजी। रिपोर्ट के मुताबिक, रात करीब 11:22 बजे भेजी गई इस फोटो के कुछ समय बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। परिवार ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद मिला।

गुमशुदगी के बाद शुरू हुई तलाश

अजय के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। कोई सुराग नहीं मिलने पर 26 सितंबर को नोएडा के फेज-3 थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने अजय के मोबाइल की लोकेशन और उनके आखिरी सफर से जुड़े रास्तों की जांच शुरू की। रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल की आखिरी लोकेशन गाजियाबाद के डासना इलाके में मिली थी।

इसी बीच दिल्ली पुलिस को एक नाले से अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली थी। शव की पहचान नहीं होने के कारण उसे सुरक्षित रखा गया था। बाद में परिजनों ने शव की पहचान अजय चौधरी के रूप में की। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।

शरीर पर मिले चाकू के निशान

शव मिलने के बाद मामले में हत्या की आशंका और गहरा गई। रिपोर्टों के मुताबिक, अजय के शरीर और गर्दन पर चाकू के कई निशान मिले हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है।

परिवार ने उस ऑटो चालक पर शक जताया है, जिससे अजय घटना वाली रात घर लौट रहे थे। पुलिस ने संबंधित ऑटो चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले उसकी भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

CCTV और मोबाइल डेटा खंगाल रही पुलिस

पुलिस अब अजय के आखिरी सफर की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। रास्ते में लगे CCTV कैमरों की फुटेज, ऑटो की नंबर प्लेट, पत्नी को भेजी गई तस्वीरें, मोबाइल की आखिरी लोकेशन और कॉल डिटेल की जांच की जा रही है। इन सुरागों के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अजय आखिरी बार किन लोगों के संपर्क में थे और उनके साथ क्या हुआ।

फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। अजय की मौत के पीछे की वजह और इसमें किसी व्यक्ति की भूमिका है या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।