राम मंदिर CEO चयन में सेना की पसंद रही सबसे आगे, सर्च कमेटी की पहली और दूसरी प्राथमिकता में रहे सैन्य अधिकारी
अयोध्या में निर्माणाधीन श्रीराम मंदिर के संचालन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति कर दी है। खास बात यह रही कि CEO पद के लिए गठित सर्च कमेटी की पहली और दूसरी पसंद में सेना के ही अधिकारियों के नाम शामिल थे।
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए देशभर से हजारों आवेदन प्राप्त हुए थे। लंबी चयन प्रक्रिया के बाद सर्च कमेटी ने छह नामों का पैनल तैयार किया, जिसमें तीन नाम पहली प्राथमिकता और तीन नाम दूसरी प्राथमिकता के रूप में रखे गए थे। पहली प्राथमिकता वाले पैनल में दो नाम सैन्य अधिकारियों के थे।
पहली प्राथमिकता में सैन्य अधिकारियों का दबदबा
सर्च कमेटी की ओर से तैयार किए गए पैनल में सबसे ऊपर एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र का नाम रखा गया था। इसके बाद मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह विश्वास राव का नाम शामिल था। तीसरे स्थान पर श्रुति भारद्वाज का नाम था। ट्रस्ट ने अंत में एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र के नाम पर अंतिम मुहर लगाई।
सर्च कमेटी ने प्रशासनिक क्षमता, नेतृत्व अनुभव, सुरक्षा प्रबंधन, वित्तीय व्यवस्था, मानव संसाधन और बड़े संस्थान के संचालन जैसे मानकों के आधार पर उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया था।
5585 आवेदनों में से हुआ चयन
राम मंदिर CEO पद के लिए कुल 5585 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इसके बाद तकनीकी जांच, अनुभव और योग्यता के आधार पर उम्मीदवारों की छंटनी की गई। चयन प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुंचे उम्मीदवारों के साक्षात्कार के बाद सर्च कमेटी ने छह नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपा।
ट्रस्ट ने मंदिर की बढ़ती व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की संख्या, सुरक्षा, प्रशासन और भविष्य की योजनाओं को देखते हुए एक अनुभवी और अनुशासित नेतृत्व की आवश्यकता महसूस की थी। इसी वजह से सैन्य पृष्ठभूमि वाले अधिकारियों के नामों को प्राथमिकता मिली।
सैन्य अनुभव से मजबूत होगा मंदिर प्रबंधन
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र भारतीय वायुसेना में लंबे समय तक सेवा दे चुके हैं। सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने बड़े स्तर पर संचालन, रणनीतिक योजना और नेतृत्व की जिम्मेदारियां संभाली हैं। माना जा रहा है कि उनका अनुभव राम मंदिर परिसर के प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन राम मंदिर निर्माण और उसके प्रबंधन के लिए किया गया था। अब मंदिर के संचालन को व्यवस्थित और आधुनिक तरीके से चलाने के लिए CEO पद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मंदिर प्रशासन में नई व्यवस्था की शुरुआत
राम मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, दान व्यवस्था, सुरक्षा, सुविधाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों को देखते हुए पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति को एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। ट्रस्ट का उद्देश्य मंदिर प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।
इस नियुक्ति के साथ ही अयोध्या के राम मंदिर प्रशासन में एक नई व्यवस्था की शुरुआत हो गई है, जिसमें सैन्य अनुशासन और प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल मंदिर संचालन को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।