☰
×

जेवर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण जल्द पकड़ेगा रफ्तार, 74.4 किमी लंबा 6 लेन हाईवे जोड़ेगा गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे

 

उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में जेवर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना जल्द रफ्तार पकड़ सकती है। करीब 74.4 किलोमीटर लंबे इस 6 लेन एक्सप्रेसवे के निर्माण से गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ जाएंगे। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इस लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण दो कंपनियां करेंगी। परियोजना को करीब तीन साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। इससे यात्रियों को एक एक्सप्रेसवे से दूसरे तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

74.4 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे

जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 74.4 किलोमीटर होगी। इसे छह लेन का बनाया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद यह उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी बन सकता है।

इसका सबसे बड़ा फायदा गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के रूप में सामने आएगा। इससे दोनों एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों को एक-दूसरे से जुड़ने के लिए सुविधाजनक रास्ता मिलेगा।

दो कंपनियों को निर्माण की जिम्मेदारी

परियोजना के निर्माण का काम दो कंपनियों के माध्यम से कराया जाएगा। दोनों कंपनियां निर्धारित समयसीमा के भीतर एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा करेंगी। इसके लिए करीब तीन साल का समय तय किया गया है।

निर्माण कार्य में तेजी आने के बाद परियोजना से जुड़े अन्य काम भी आगे बढ़ेंगे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में दोनों कंपनियों के नाम, निर्माण की सटीक शुरुआत की तारीख और परियोजना की लागत का विवरण नहीं दिया गया है।

पश्चिमी यूपी की कनेक्टिविटी को मिलेगा फायदा

जेवर लिंक एक्सप्रेसवे बनने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सड़क नेटवर्क मजबूत होगा। गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे के आपस में जुड़ने से यात्रियों और मालवाहक वाहनों को भी बेहतर आवागमन का विकल्प मिल सकेगा।

इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी के लिहाज से भी एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं हैं।

फिलहाल परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आने का इंतजार है। करीब तीन साल में पूरा होने के बाद यह लिंक एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के सड़क परिवहन नेटवर्क को नई सुविधा प्रदान कर सकता है।