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अयोध्या के 500 साल पुराने मंदिर में हर सोमवार उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़, बगल में स्थापित है विश्व का सबसे बड़ा त्रिशूल

 

अयोध्या जिले के रामपुरवा गांव में स्थित करीब 500 साल पुराने मंदिर में हर सोमवार श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। धार्मिक आस्था के इस प्रमुख केंद्र पर सुबह से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो जाता है। श्रद्धालु हर-हर महादेव का जाप करते हुए मंदिर पहुंचते हैं और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

रामपुरवा गांव का यह प्राचीन मंदिर स्थानीय लोगों के बीच गहरी आस्था का केंद्र माना जाता है। मंदिर की ऐतिहासिक प्राचीनता इसे विशेष बनाती है। करीब पांच शताब्दी पुराने इस धार्मिक स्थल पर सोमवार के दिन विशेष रूप से भक्तों की संख्या बढ़ जाती है। आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज से भी श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं।

सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही शुरू हो जाती है। श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और पूजा-पाठ के साथ हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हैं। भक्तों के जयकारों से मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण भक्तिमय हो जाता है।

मंदिर की एक खास पहचान इसके बगल में स्थापित विशाल त्रिशूल भी है। स्थानीय स्तर पर इसे विश्व का सबसे बड़ा त्रिशूल बताया जाता है। विशाल त्रिशूल श्रद्धालुओं और यहां आने वाले लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर में दर्शन करने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु त्रिशूल को भी देखने पहुंचते हैं।

विशाल त्रिशूल की वजह से मंदिर की धार्मिक पहचान के साथ-साथ इसका आकर्षण और बढ़ गया है। यहां आने वाले श्रद्धालु त्रिशूल के दर्शन करते हैं और उसके सामने पूजा-अर्चना करते हैं। कई लोग मंदिर परिसर और त्रिशूल की तस्वीरें भी अपने साथ ले जाते हैं।

सोमवार को भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष दिन माना जाता है। इसी धार्मिक मान्यता के चलते रामपुरवा के इस प्राचीन मंदिर में हर सोमवार भक्तों की संख्या बढ़ जाती है। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान शिव का आशीर्वाद लेने यहां पहुंचते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं पीढ़ियों से चली आ रही हैं। गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए यह मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र है। समय के साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती गई है।

सोमवार के दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए स्थानीय स्तर पर व्यवस्था भी की जाती है। भक्त कतार में लगकर भगवान शिव के दर्शन करते हैं। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयकारों से माहौल आध्यात्मिक नजर आता है।

रामपुरवा का यह प्राचीन मंदिर अयोध्या की धार्मिक विरासत में एक अलग पहचान रखता है। करीब 500 वर्ष पुराना मंदिर और उसके पास स्थापित विशाल त्रिशूल इसे श्रद्धालुओं के लिए खास बनाते हैं।

धार्मिक आस्था, प्राचीन परंपरा और विशाल त्रिशूल के कारण रामपुरवा का यह मंदिर हर सोमवार श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। यहां पहुंचने वाले भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना करते हैं और हर-हर महादेव का जाप करते हुए अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं।