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संभल में तापमान गिरने से बढ़ी ठंडक, AQI 174 पर पहुंचा; अस्पतालों में बढ़े मरीज, डॉक्टरों ने दी सलाह

 

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में तापमान में गिरावट के साथ मौसम में ठंडक बढ़ने लगी है। बदलते मौसम का असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार जैसी शिकायतों के साथ अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने की जानकारी सामने आई है। वहीं, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 174 दर्ज किया गया, जो हवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ाता है।

मौसम में अचानक बदलाव के कारण बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह और शाम के समय ठंड का असर अधिक महसूस हो सकता है। ऐसे में लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

AQI 174 होने से हवा की गुणवत्ता पर चिंता

संभल में वायु गुणवत्ता सूचकांक 174 दर्ज किया गया। AQI का यह स्तर सामान्य से खराब हवा की स्थिति को दर्शाता है और संवेदनशील लोगों को परेशानी हो सकती है। हालांकि, प्रदूषण के स्तर में बदलाव मौसम, स्थानीय गतिविधियों और अन्य कारकों पर निर्भर करता है।

हवा की गुणवत्ता खराब होने पर अस्थमा, एलर्जी या सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को खांसी, सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। ऐसे लोगों को प्रदूषण अधिक होने के दौरान लंबे समय तक बाहर रहने से बचना चाहिए।

मौसम बदलने से अस्पतालों में बढ़े मरीज

तापमान में गिरावट और मौसम में बदलाव के बीच अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने की जानकारी सामने आई है। बदलते मौसम में वायरल संक्रमण और एलर्जी से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर अधिक देखने को मिल सकता है।

डॉक्टरों की सलाह है कि सर्दी-जुकाम, खांसी या बुखार होने पर लापरवाही न करें। लक्षण लंबे समय तक बने रहने या हालत बिगड़ने पर चिकित्सक से संपर्क करें। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन करने से बचना चाहिए।

डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ लोगों को गर्म कपड़े पहनने, पर्याप्त पानी पीने और संतुलित आहार लेने की सलाह दी जाती है। सुबह और देर शाम बाहर निकलते समय शरीर को ठंड से बचाकर रखें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

वायु प्रदूषण से बचने के लिए संवेदनशील लोग प्रदूषण अधिक होने पर बाहरी गतिविधियां सीमित रखें। सांस लेने में गंभीर परेशानी, सीने में दर्द या तेज बुखार होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

फिलहाल संभल में बदलते मौसम और हवा की गुणवत्ता को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम से जुड़ी स्थिति पर नजर रखने के साथ स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।