UGC नियमों के समर्थन में उतरे स्वामी प्रसाद मौर्य, AJP छात्र मोर्चा ने लखनऊ में किया प्रदर्शन
पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य एक बार फिर अपने राजनीतिक रुख को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने यूजीसी के कथित विवादित नियमों के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी है। इसी मुद्दे को लेकर उनकी पार्टी अपनी जनता पार्टी (AJP) के छात्र मोर्चा ने मंगलवार को लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्र मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने आरक्षण और समान नागरिक संहिता यानी UCC के समर्थन में नारे लगाए और कई मुद्दों पर अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं।
लखनऊ की सड़कों पर हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में AJP छात्र मोर्चा के कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने आरक्षण के समर्थन के साथ-साथ समान नागरिक संहिता को लागू किए जाने की मांग का समर्थन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार से इन मुद्दों पर स्पष्ट और प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
प्रदर्शन के दौरान One Nation-One Election का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। छात्र मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने देश में एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था का समर्थन किया। उनका कहना था कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होने से चुनावी प्रक्रिया में बार-बार होने वाले खर्च और प्रशासनिक संसाधनों के इस्तेमाल को कम किया जा सकता है। कार्यकर्ताओं ने One Nation-One Election को देश में तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग भी की।
स्वामी प्रसाद मौर्य की ओर से यूजीसी के विवादित नियमों के समर्थन में सामने आने के बाद इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। शिक्षा और आरक्षण से जुड़े नियमों को लेकर पहले भी अलग-अलग राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन अपनी-अपनी राय रखते रहे हैं। ऐसे में AJP छात्र मोर्चा का प्रदर्शन इन मुद्दों को लेकर पार्टी के रुख को सामने रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में विभिन्न मांगों से जुड़े पोस्टर और बैनर भी लिए। उन्होंने सरकार से आरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने और UCC को लेकर आगे बढ़ने की मांग की। इसके अलावा एक देश, एक चुनाव की व्यवस्था लागू करने पर भी जोर दिया गया।
AJP छात्र मोर्चा के नेताओं का कहना है कि इन मुद्दों को लेकर उनकी पार्टी लगातार अपनी आवाज उठाती रहेगी। उनका दावा है कि देश में चुनाव व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ सामाजिक और संवैधानिक मुद्दों पर स्पष्ट नीति की जरूरत है।
फिलहाल लखनऊ में हुए इस प्रदर्शन के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य और उनकी पार्टी का राजनीतिक रुख एक बार फिर चर्चा में आ गया है। यूजीसी नियमों, आरक्षण, UCC और One Nation-One Election जैसे मुद्दे आने वाले दिनों में भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बने रह सकते हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपनी मांगों पर जल्द कार्रवाई की अपील की है।