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BHU अस्पताल में डॉक्टर-छात्र विवाद के बाद छात्रों का प्रदर्शन, प्रॉक्टोरियल बोर्ड कार्यालय का किया घेराव

 

वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल अस्पताल में डॉक्टर और छात्रों के बीच हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। जनरल मेडिसिन विभाग में हुई बहस के बाद पहले डॉक्टर की ओर से छात्रों पर खुद को बंधक बनाने का आरोप लगाया गया था। अब छात्रों ने भी पूरे मामले को लेकर मोर्चा खोल दिया है। छात्रों ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड कार्यालय का घेराव कर अपना विरोध दर्ज कराया।

छात्रों का कहना है कि मामले में उनकी बात को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने डॉक्टर की ओर से लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

जनरल मेडिसिन विभाग में हुआ था विवाद

जानकारी के मुताबिक, सर सुंदरलाल अस्पताल के जनरल मेडिसिन विभाग में डॉक्टर और कुछ छात्रों के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई थी। विवाद बढ़ने के बाद मामला विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचा।

डॉक्टर की ओर से आरोप लगाया गया कि छात्रों ने उन्हें कथित तौर पर बंधक बना लिया था। इस आरोप के सामने आने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। हालांकि, छात्रों ने इन आरोपों को लेकर अपनी अलग बात रखी है।

छात्रों ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड कार्यालय घेरा

डॉक्टर के आरोपों के बाद छात्रों ने भी अपना पक्ष रखने के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड कार्यालय का घेराव किया। छात्रों ने प्रशासन के सामने अपनी शिकायत और घटनाक्रम को रखा।

छात्रों का कहना है कि मामले में एकतरफा कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि विवाद की वास्तविक वजह सामने आ सके।

प्रशासन के सामने रखी अपनी मांग

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले में दोनों पक्षों की बात सुनने की मांग की। छात्रों का कहना है कि यदि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है तो उससे पहले पूरे घटनाक्रम की जांच की जानी चाहिए।

विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के प्रदर्शन के बाद प्रशासन भी मामले को लेकर सतर्क हो गया है। फिलहाल विवाद को शांत कराने और दोनों पक्षों के बीच स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पहले भी विवादों में रहा है अस्पताल

सर सुंदरलाल अस्पताल में डॉक्टरों और छात्रों के बीच विवाद का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इलाज और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर छात्रों और डॉक्टरों के बीच विवाद सामने आते रहे हैं। जुलाई 2025 में भी अस्पताल की ओपीडी में छात्र और डॉक्टर के बीच कहासुनी के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था।

फिलहाल जनरल मेडिसिन विभाग के ताजा विवाद में दोनों पक्षों के आरोप सामने आ चुके हैं। अब विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई और किसकी भूमिका क्या रही।