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प्रयागराज में TGT-PGT भर्ती को लेकर छात्रों का हंगामा, बैरिकेडिंग तोड़कर शिक्षा निदेशालय में घुसे; कुर्सियां तोड़ीं

 

प्रयागराज में TGT-PGT भर्ती की मांग को लेकर धरने पर बैठे छात्रों ने मंगलवार दोपहर हंगामा कर दिया। करीब 3 बजे प्रदर्शन कर रहे लगभग 200 छात्र चार लेयर की बैरिकेडिंग तोड़कर शिक्षा निदेशालय के मुख्यालय परिसर में घुस गए। इसके बाद छात्रों ने विभागों में ताला लगाने का प्रयास किया और कई कुर्सियां तोड़ दीं। परिसर के कॉरिडोर में पहुंचकर छात्रों ने नारेबाजी की। हंगामे के बाद प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा निदेशालय परिसर में ही धरना शुरू कर दिया।

चार लेयर की बैरिकेडिंग तोड़कर परिसर में घुसे छात्र

TGT-PGT भर्ती को लेकर छात्र लंबे समय से अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार दोपहर प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब करीब 200 छात्र बैरिकेडिंग तोड़कर शिक्षा निदेशालय के अंदर पहुंच गए। परिसर में प्रवेश करने के बाद छात्रों ने विभागीय कार्यालयों में ताला लगाने की कोशिश की।

प्रदर्शन के दौरान कई कुर्सियां तोड़े जाने की भी जानकारी सामने आई है। इसके अलावा छात्रों ने कॉरिडोर में पहुंचकर नारेबाजी की। अचानक हुए इस घटनाक्रम से शिक्षा निदेशालय परिसर में हलचल मच गई।

विभागों में ताला लगाने का किया प्रयास

प्रदर्शनकारी छात्रों ने शिक्षा निदेशालय के विभागों में ताला लगाने का प्रयास किया। इसके बाद छात्रों ने परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। उनकी मांग TGT-PGT भर्ती से जुड़ी है, हालांकि उपलब्ध जानकारी में छात्रों की मांगों का विस्तृत विवरण और भर्ती प्रक्रिया को लेकर उनकी ओर से रखी गई सभी बातें स्पष्ट नहीं हैं।

छात्रों के इस कदम से शिक्षा निदेशालय में कामकाज और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और तोड़फोड़ की घटना के बाद प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

प्रदर्शन के बाद कार्रवाई पर नजर

शिक्षा निदेशालय में बैरिकेडिंग तोड़कर प्रवेश करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना के बाद मामले में प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई की स्थिति महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि घटना के दौरान कितने लोग मौके पर मौजूद थे, किसी को हिरासत में लिया गया या नहीं और परिसर में हुए नुकसान का आकलन कितना है।

TGT-PGT भर्ती को लेकर छात्रों का प्रदर्शन एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब देखना होगा कि छात्रों की मांगों पर संबंधित विभाग की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और परिसर में शुरू हुए धरने को लेकर प्रशासन किस तरह आगे बढ़ता है।