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गाजियाबाद में 15वीं मंजिल से कूदकर छात्रा ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- ‘पढ़ाई का प्रेशर नहीं झेल सकती, मम्मी-पापा... I Love You’

 

गाजियाबाद में एक छात्रा ने 15वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। शुरुआती जानकारी के मुताबिक छात्रा पढ़ाई के दबाव को लेकर परेशान थी। पुलिस को मौके से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें छात्रा ने पढ़ाई का दबाव नहीं झेल पाने की बात लिखी है और अपने माता-पिता के लिए भावुक संदेश छोड़ा है।

घटना गाजियाबाद की एक हाईराइज सोसाइटी की बताई जा रही है। छात्रा के 15वीं मंजिल से गिरने के बाद आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी हुई। इसके बाद सोसाइटी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल की जांच की और परिजनों को घटना की जानकारी दी।

पढ़ाई के दबाव का किया जिक्र

पुलिस को मिले कथित सुसाइड नोट में छात्रा ने पढ़ाई के दबाव का जिक्र किया है। नोट में उसने लिखा कि वह पढ़ाई का प्रेशर नहीं झेल सकती। इसके साथ ही उसने अपने मम्मी-पापा के लिए ‘I Love You’ लिखा। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा किन परिस्थितियों से गुजर रही थी और क्या पढ़ाई से जुड़ा कोई विशेष दबाव उसके ऊपर था।

जांच के दौरान पुलिस छात्रा के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच कर सकती है। साथ ही परिवार और छात्रा के करीबियों से बातचीत कर उसकी मानसिक स्थिति और हाल के दिनों की परिस्थितियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले छात्रा की किसी से बातचीत हुई थी या नहीं।

इस घटना ने एक बार फिर छात्रों पर पढ़ाई और परीक्षा के दबाव को लेकर चर्चा छेड़ दी है। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों और युवाओं में तनाव के संकेतों को समय रहते पहचानना जरूरी है। पढ़ाई, परीक्षा या करियर को लेकर दबाव महसूस कर रहे छात्रों को परिवार और भरोसेमंद लोगों से बात करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

यदि किसी छात्र या युवा में लगातार तनाव, निराशा या खुद को नुकसान पहुंचाने की बात दिखाई दे तो उसे अकेला न छोड़ें और तुरंत परिवार, किसी भरोसेमंद व्यक्ति या पेशेवर मानसिक स्वास्थ्य सहायता से संपर्क करें। भारत में आपात स्थिति में 112 पर सहायता ली जा सकती है।