गोरखपुर एम्स में CBRN आपदाओं पर विशेष CME, आपदा तैयारी को मिला नया आयाम; हैंडबुक का भी विमोचन
एम्स गोरखपुर ने केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर (CBRN) आपदाओं से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से एक दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम को आपदा प्रबंधन और जन सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने CBRN खतरों की पहचान, उनसे बचाव और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की व्यावहारिक जानकारी दी। प्रतिभागियों को ऐसे हालात में प्राथमिक उपचार, सुरक्षित निकासी और जोखिम कम करने के उपायों पर विस्तृत प्रशिक्षण भी दिया गया।
इस अवसर पर एक विशेष हैंडबुक का भी विमोचन किया गया, जिसमें CBRN आपदाओं से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश, सावधानियां और आपातकालीन प्रोटोकॉल शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार यह हैंडबुक स्वास्थ्यकर्मियों और आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मियों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका साबित होगी।
विशेष बात यह रही कि यह देश में किसी भी एम्स द्वारा आम जनता और गैर-सैन्य कर्मियों के लिए आयोजित किया गया इस तरह का पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम माना जा रहा है। इससे आपदा के समय मेडिकल और गैर-मेडिकल दोनों स्तरों पर तैयारी को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में शामिल विशेषज्ञों ने कहा कि बदलते समय में CBRN जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, ऐसे में समय पर प्रशिक्षण और जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने इस पहल को भविष्य के आपदा प्रबंधन मॉडल के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
एम्स प्रशासन का कहना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ आम लोगों को भी आपात परिस्थितियों के लिए तैयार किया जा सके।
फिलहाल, इस पहल को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जो भविष्य में सुरक्षा और तैयारी की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।