UP विधानसभा में हंगामे पर भावुक हुए स्पीकर सतीश महाना: बोले- सोचना पड़ेगा कि मैं इस कुर्सी के योग्य हूं या नहीं
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र का आज तीसरा दिन है। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना भावुक हो गए। उन्होंने कल सदन में हुए हंगामे को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि उनके मना करने के बावजूद जो कुछ हुआ, वह बेहद निंदनीय है।
स्पीकर सतीश महाना ने सदन में कहा कि विधानसभा की गरिमा और मर्यादा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कल की घटना से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "इस बात पर विचार करना पड़ेगा कि मैं इस कुर्सी के योग्य हूं या नहीं।"
उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का पद केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है। सदन में अनुशासन और मर्यादा बनाए रखना सभी विधायकों का कर्तव्य है। उन्होंने सदस्यों से अपील की कि वे आपसी मतभेद के बावजूद सदन की गरिमा का ध्यान रखें।
दरअसल, मॉनसून सत्र के दूसरे दिन सदन में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। हंगामे के दौरान विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित हुई। स्पीकर ने सदस्यों से शांत रहने और सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन इसके बावजूद स्थिति नियंत्रित नहीं हो सकी।
तीसरे दिन की कार्यवाही से पहले स्पीकर की भावुक अपील के बाद सदन का माहौल गंभीर हो गया। उन्होंने सभी विधायकों से आत्ममंथन करने और लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करने की अपील की।
विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी संकेत दिया कि सदन में बार-बार होने वाले हंगामे और अनुशासनहीनता को लेकर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विधानसभा जनता के मुद्दों पर चर्चा करने का सबसे बड़ा मंच है और यहां होने वाली हर गतिविधि का असर लोकतंत्र की छवि पर पड़ता है।
अब मॉनसून सत्र के तीसरे दिन विपक्ष और सरकार के बीच किन मुद्दों पर चर्चा होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।