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बेटे अक्षत को पिता की व्यवसायिक और करियर राय से थी निराशा, डॉक्टर नहीं बनना चाहता था, अपना व्यापार करना चाहता था

 

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुए सनसनीखेज हत्याकांड में नए तथ्यों से मामले की पृष्ठभूमि और हत्या के कारण पर और भी स्पष्टता आई है। इस घटना में अक्षत सिंह ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी और शव को टुकड़ों में काट कर नीले ड्रम में छुपा दिया था। अब यह भी सामने आया है कि अक्षत को अपने पिता के मार्गदर्शन और अपेक्षाओं से गहरा मतभेद था — खासकर करियर और जीवन की दिशा को लेकर।

🔎 पिता की इच्छा बनाम बेटे की चाह

  • मृतक मानवेंद्र सिंह एक सफल शराब कारोबारी और पैथोलॉजी लैब संचालक थे। उन्होंने अपने बेटे को डॉक्टर बनाने की इच्छा जताई थी, और इसके लिए उन्होंने अक्षत को NEET की तैयारी कराई थी।

  • लेकिन अक्षत की रुचियाँ अलग थीं। उसने डॉक्टर बनने की बजाय अपना खुद का व्यापार शुरू करने की इच्छा जताई थी, जैसे कि रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट या अन्य वाणिज्यिक व्यवसाय, जो उसके पिता को मंजूर नहीं था।

📌 तालमेल न होने के कारण तनाव बढ़ा

अक्षत ने अपनी 12वीं की पढ़ाई के बाद कोचिंग में NEET की तैयारी भी की थी, लेकिन उसने कहा कि डॉक्टर बनने में उसका मन नहीं लगता था। उसने बार-बार अपने पिता से कहा कि वह व्यापार में हाथ आजमाना चाहता है, क्योंकि उसे लगता था कि परिवार का व्यापार पहले से स्थापित है, और इसे आगे चलाना आसान रहेगा।

पुलिस और जांच के सूत्रों के अनुसार इन अलग-अलग जीवन उत्कर्षों के कारण दोनों के बीच लगातार टकराव और तनाव रहा, जो लंबे समय तक चला और अंततः हत्या तक पहुँच गया।

🧠 क्या NEET दबाव ही असली कारण था?

पहले पुलिस ने माना कि अक्षत को पिता के NEET की तैयारी के प्रति दबाव के कारण यह कदम उठाना पड़ा, लेकिन परिवार के कुछ सदस्यों और पड़ोसियों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि यह मामला सिर्फ पढ़ाई का दबाव नहीं था। उन्होंने बताया कि दोनों के बीच व्यावसायिक दृष्टिकोण और पारिवारिक निर्णयों पर मतभेद कहीं अधिक गहरा था।

⚠️ बेटे की मानसिक स्थिति और मनोवैज्ञानिक पहलू

कई रिपोर्ट्स में यह भी संकेत दिया गया है कि अक्षत का मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण संतुलित नहीं रहा होगा। पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई कि हत्या के बाद उसने शव को काटा, शव के पास खाने जैसे असामान्य व्यवहार किए, और प्रारंभ में उसने अपने पिता के लापता होने की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी — जो बाद में संदिग्ध साबित हुई।