35 हजार फीट की ऊंचाई पर अगरतला-दिल्ली फ्लाइट में बजा स्मोक अलार्म, लखनऊ में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग
अगरतला से दिल्ली जा रही एक फ्लाइट में मंगलवार शाम अचानक स्मोक अलार्म बजने से यात्रियों और क्रू में हड़कंप मच गया। विमान उस समय करीब 35 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पायलट ने तुरंत विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराने का फैसला लिया और फ्लाइट को लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
जानकारी के मुताबिक, फ्लाइट के उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही विमान में लगे स्मोक डिटेक्शन सिस्टम ने अलर्ट जारी किया। स्मोक अलार्म बजने के बाद पायलट और क्रू सदस्यों ने निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत कार्रवाई शुरू की। किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए विमान को नजदीकी बड़े एयरपोर्ट पर उतारने का निर्णय लिया गया।
इसके बाद विमान को लखनऊ की ओर मोड़ा गया और लखनऊ एयरपोर्ट पर उसकी सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान के लैंड होते ही एयरपोर्ट पर सुरक्षा टीम और संबंधित अधिकारियों ने स्थिति को संभाला। यात्रियों को सुरक्षित विमान से बाहर निकाला गया और तकनीकी टीम ने विमान की जांच शुरू की।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हालांकि, स्मोक अलार्म किस वजह से सक्रिय हुआ, इसकी जांच तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा की जा रही है। विमान की पूरी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विमानन क्षेत्र में सुरक्षा को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाती है। उड़ान के दौरान किसी भी तरह का अलर्ट मिलने पर पायलट तुरंत एहतियाती कदम उठाते हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसी प्रक्रिया के तहत अगरतला-दिल्ली फ्लाइट को भी लखनऊ में उतारा गया।
घटना के बाद यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। एयरलाइन की ओर से यात्रियों को स्थिति की जानकारी दी गई और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद आगे की उड़ान को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
गौरतलब है कि विमान में लगे स्मोक अलार्म सिस्टम आग या धुएं जैसी किसी भी संभावित स्थिति का पता लगाने के लिए लगाए जाते हैं। कई बार तकनीकी कारणों से भी ये अलार्म सक्रिय हो सकते हैं, लेकिन विमान संचालन में सुरक्षा के लिहाज से हर अलर्ट को गंभीरता से लिया जाता है।
इस घटना ने एक बार फिर विमान सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को सामने ला दिया है। पायलट की सतर्कता और समय पर लिए गए फैसले के कारण विमान को सुरक्षित तरीके से लखनऊ में उतारा गया। फिलहाल पूरे मामले की तकनीकी जांच जारी है।