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मुरादाबाद में छठा तेंदुआ पिंजड़े में कैद, रामूवाला शेखू में वन विभाग को बड़ी कामयाबी

 

मुरादाबाद में तेंदुओं की दहशत के बीच वन विभाग को बड़ी कामयाबी मिली है। रामूवाला शेखू गांव में लगाए गए पिंजरे में एक और तेंदुआ कैद हो गया। इसके साथ ही जिले में पकड़े गए तेंदुओं की संख्या छह हो गई है। तेंदुए के पिंजड़े में फंसने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

रामूवाला शेखू गांव और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से तेंदुए की गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में डर बना हुआ था। खेतों और गांव के आसपास तेंदुआ दिखाई देने की सूचनाओं के बाद वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही थी। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए संभावित स्थानों पर पिंजरे लगाए गए थे।

वन विभाग की टीम को तेंदुए की मौजूदगी वाले क्षेत्र में सफलता मिली और तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। वन विभाग के कर्मचारियों ने सुरक्षा के बीच पिंजरे को अपने कब्जे में लिया।

तेंदुए के पकड़े जाने से आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार तेंदुए की दहशत के कारण लोग अकेले खेतों की ओर जाने से बच रहे थे। शाम और रात के समय विशेष सावधानी बरती जा रही थी।

वन विभाग की टीम अब पकड़े गए तेंदुए की स्वास्थ्य जांच कराने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी करेगी। अधिकारियों की निगरानी में तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की तैयारी की जा रही है। साथ ही आसपास के इलाकों में तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर भी रखी जा रही है।

इलाके में पहले भी तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। लगातार हो रही कार्रवाई के बावजूद वन विभाग के सामने चुनौती यह है कि जंगल और आबादी के आसपास तेंदुओं की मौजूदगी का पता लगाया जाए। इसके लिए ग्रामीणों से भी किसी वन्यजीव के दिखाई देने पर तत्काल सूचना देने की अपील की जा रही है।

ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे अकेले खेतों या सुनसान स्थानों पर न जाएं और रात के समय विशेष सतर्कता बरतें। बच्चों को भी घर से बाहर अकेले न भेजने की अपील की गई है।

रामूवाला शेखू गांव में छठे तेंदुए के पकड़े जाने के बाद फिलहाल ग्रामीणों में कुछ राहत जरूर है, लेकिन वन विभाग की निगरानी जारी है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि क्षेत्र में अभी और तेंदुओं की मौजूदगी है या नहीं। छह तेंदुओं के पकड़े जाने के बाद अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि इलाके में वन्यजीवों की दहशत जल्द कम होगी।