प्रयागराज के बमरौली में फायरिंग-बमबाजी केस: 21 दिन बाद भी चार आरोपी फरार, अतीक अहमद के शूटर से जुड़े हैं तार
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित बमरौली गांव में हुई फायरिंग और बमबाजी की वारदात के मामले में पुलिस की कार्रवाई अब तक अधूरी है। घटना के 21 दिन बाद भी चार नामजद आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। आरोपियों पर थार सवार प्रॉपर्टी डीलर पर बम और गोलियों से हमला करने का आरोप है।
अतीक के गढ़ में हुई थी वारदात
बमरौली गांव कभी माफिया रहे अतीक अहमद के प्रभाव वाले इलाकों में गिना जाता था। इसी इलाके में हुई इस घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई और कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले में नामजद आरोपी अतीक अहमद के शूटर रहे आबिद के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इन आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
थार सवार प्रॉपर्टी डीलर पर हुआ था हमला
जानकारी के अनुसार, वारदात के दिन थार सवार एक प्रॉपर्टी डीलर को निशाना बनाया गया था। आरोप है कि हमलावरों ने पहले बम फेंके और फिर गोलियां चलाईं। अचानक हुए हमले से इलाके में दहशत फैल गई थी।
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी और कुछ आरोपियों की पहचान कर उन्हें नामजद किया गया था।
चार आरोपी अभी भी फरार
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए जांच आगे बढ़ाई, लेकिन घटना में शामिल चार आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए टीमें लगाई गई हैं।
पुरानी रंजिश और वर्चस्व का एंगल
पुलिस जांच में वारदात के पीछे पुरानी रंजिश और क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर विवाद का एंगल भी देखा जा रहा है। हालांकि, घटना की पूरी वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और उनके संपर्कों की भी जानकारी जुटा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बमरौली जैसे इलाके में खुलेआम फायरिंग और बमबाजी की घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता है। लोगों का कहना है कि अपराधियों पर जल्द कार्रवाई कर इलाके में सुरक्षा का भरोसा कायम करना जरूरी है।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। अब देखना होगा कि पुलिस इन आरोपियों को कब तक पकड़ पाती है।