प्रयागराज में झकझोर देने वाला दर्दनाक हादसा: बच्चों को बचाते-बचाते मां की आग में झुलसकर मौत, वीडियो आया सामने
प्रयागराज में 12 मई को क्रॉकरी कारोबारी के घर में लगी भीषण आग का अब एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। इस हादसे में एक मां ने अपने तीन बच्चों को बचाने के लिए करीब आधे घंटे तक संघर्ष किया, लेकिन अंत में वह खुद जान नहीं बचा सकी और धुएं से दम घुटने तथा गंभीर रूप से झुलसने के कारण उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, आग लगने के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई। उसी दौरान संजीव की पत्नी अर्चना ने साहस और सूझबूझ दिखाते हुए अपने बच्चों को बचाने की हर संभव कोशिश की। बताया जा रहा है कि उन्होंने सबसे पहले अपने एक साल के मासूम बच्चे को बालकनी (बारजे) से आगे की तरफ लटकाया। नीचे मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए बच्चे के पैर पकड़े और उसे सुरक्षित अपनी ओर खींच लिया।
इसके बाद पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने सामने वाले मकान की छत पर सीढ़ी लगाकर बचाव अभियान शुरू किया। इसी दौरान अर्चना ने अपनी 13 साल और 10 साल की दोनों बेटियों को भी बालकनी के रास्ते सुरक्षित दूसरी छत तक पहुंचाया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान वह लगातार धुएं और आग के बीच फंसी रहीं और बच्चों को बचाने के लिए संघर्ष करती रहीं।
हालांकि, बच्चों को सुरक्षित निकालने के बाद अर्चना खुद बाहर नहीं निकल पाईं। भारी धुआं भर जाने और आग की चपेट में आने के कारण वह बेहोश हो गईं और अंततः मकान के भीतर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में पूरा मकान इसकी चपेट में आ गया। बचाव कार्य के दौरान लोगों ने जान जोखिम में डालकर परिवार को सुरक्षित निकालने की कोशिश की, लेकिन मां को नहीं बचाया जा सका।
इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। लोग इस हादसे को बेहद दर्दनाक और दिल को झकझोर देने वाला बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर भावनात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहां लोग अर्चना की बहादुरी को सलाम कर रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या अन्य तकनीकी कारणों की संभावना जताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी।