सावन में ज्ञानवापी परिसर में नमाज पर रोक की मांग, शिवसेना ने मंदिर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
सावन माह के दौरान ज्ञानवापी परिसर में नमाज अदा करने पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग को लेकर वाराणसी में शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने मंदिर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। संगठन का कहना है कि सावन भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण महीना होता है। इस दौरान काशी विश्वनाथ धाम और आसपास के क्षेत्रों में लाखों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं, इसलिए सुरक्षा और धार्मिक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए यह मांग की गई है।
शिवसेना कार्यकर्ताओं ने अपने ज्ञापन में कहा कि सावन के पूरे महीने ज्ञानवापी परिसर और काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सावन के दौरान परिसर में नमाज अदा करने पर रोक लगाई जानी चाहिए।
संगठन का यह भी कहना है कि प्रशासन को श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था को प्राथमिकता देनी चाहिए। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि सावन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत की जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान शिवसेना पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांग पूरी तरह शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने प्रशासन से इस विषय पर गंभीरता से विचार कर उचित निर्णय लेने की अपील की।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि ज्ञापन प्राप्त होने के बाद उसकी समीक्षा की जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था तथा लागू कानूनों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।
सावन के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन पहले से ही सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की व्यापक तैयारियों में जुटा हुआ है। अब शिवसेना की ओर से उठाई गई इस मांग के बाद यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है।