परिवार से कर रही थी बात, फोन कटने से पहले ही लगा ली फांसी… AMU में इंजीनियरिंग की छात्रा ने क्यों दी जान?
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के सरोजिनी नायडू हॉल में 20 साल की एक स्टूडेंट ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। मरने वाली की पहचान आजमगढ़ की रहने वाली 20 साल की इंशा फातिमा के तौर पर हुई है, जो अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी। फातिमा फाइनल ईयर की स्टूडेंट थी। कहा जा रहा है कि स्टूडेंट ने घरवालों से बात करते हुए फांसी लगा ली।
फातिमा इंशा ने SN हॉल में अपने कमरे में फांसी लगा ली और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कहा जा रहा है कि घटना के समय वह घरवालों से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। जानकारी मिलने पर हॉल स्टाफ और दूसरे स्टूडेंट्स ने तुरंत एक्शन लिया। दरवाजा खोला गया और उसे बाहर निकाला गया। उसे तुरंत जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के ICU में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सिविल लाइंस थाना एरिया की घटना
पुलिस मौके पर पहुंची, बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। घटना अलीगढ़ के सिविल लाइंस थाना एरिया की है। इसलिए लोकल पुलिस जांच कर रही है। AMU एडमिनिस्ट्रेशन और प्रॉक्टोरियल टीम भी जांच कर रही है। AMU प्रॉक्टर, प्रोफेसर डॉ. वसीम अली ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि जैसे ही जानकारी मिली, टीम तुरंत पहुंची और स्टूडेंट को बिना देर किए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। उन्होंने कहा कि हॉल स्टाफ और एडमिनिस्ट्रेशन ने तुरंत एक्शन लिया और वाइस चांसलर प्रोफेसर नईमा खातून भी स्टूडेंट का हाल जानने मेडिकल कॉलेज पहुंचीं।
पुलिस मामले की जांच कर रही है
सुसाइड के कारण अभी साफ नहीं हैं। परिवार, दोस्तों और दूसरे स्टूडेंट्स से पूछताछ की जा रही है। पढ़ाई के प्रेशर, पर्सनल वजहों और दूसरे मामलों की जांच चल रही है। AMU एडमिनिस्ट्रेशन और पुलिस आगे की जांच कर रही है, जिसमें कमरे, मोबाइल फोन, डायरी वगैरह की जांच शामिल है। इस घटना ने एक बार फिर स्टूडेंट्स की मेंटल हेल्थ और AMU कैंपस में हॉस्टल की सेफ्टी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।