लखीमपुर खीरी में शारदा नदी फिर खतरे के निशान के पार, जलस्तर 154.61 मीटर पहुंचा
पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में दिखाई देने लगा है। लखीमपुर खीरी के पलियाकलां क्षेत्र में शारदा नदी एक बार फिर खतरे के निशान के ऊपर बहने लगी है। शनिवार सुबह 7 बजे पलिया बेस स्टेशन पर नदी का जलस्तर 154.61 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 154.59 मीटर से 2 सेंटीमीटर अधिक है।
नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से पलियाकलां और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों में पानी का दबाव बढ़ रहा है। शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार करने के बाद प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
स्थानीय स्तर पर नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। खासकर नदी के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लगातार बारिश जारी रहने पर नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और संपर्क मार्गों पर भी पानी पहुंचने का खतरा रहता है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
शनिवार सुबह दर्ज किए गए आंकड़ों के मुताबिक नदी खतरे के निशान से महज 2 सेंटीमीटर ऊपर थी। हालांकि जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। पहाड़ों में बारिश का सिलसिला जारी रहने पर इसका सीधा असर शारदा नदी के जलस्तर पर पड़ सकता है।
प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए तैयार रहें।
गौरतलब है कि शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पलियाकलां क्षेत्र में पहले भी बाढ़ जैसे हालात बनते रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर नदी के खतरे के निशान के पार पहुंचने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की नजर अब नदी के अगले जलस्तर पर है और बारिश के रुख के अनुसार स्थिति में बदलाव की संभावना बनी हुई है।