लखनऊ पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, 81 दिन की गोविधि यात्रा के तहत करेंगे धर्मसभाएं; वीडियो में देंखे 24 जुलाई को होगा ‘गौ गर्जन अक्षौहिणी संकल्प’
ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बुधवार को लखनऊ पहुंचे। वह अपनी 81 दिन की गोविधि (गोरक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा के तहत उत्तर प्रदेश की राजधानी पहुंचे हैं। लखनऊ पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले प्रसिद्ध माता चंद्रिका देवी मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
शंकराचार्य के आगमन को लेकर शहर में भक्तों और समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। लखनऊ के अलग-अलग इलाकों में श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। यात्रा के दौरान कई स्थानों पर पूजा-अर्चना, भजन कार्यक्रम और धर्मसभाओं का आयोजन किया गया है।
पांच विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी यात्रा
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा बुधवार को लखनऊ के पांच विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। इस दौरान जगह-जगह स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। वह फैजुल्लागंज में आयोजित भजन संध्या कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।आयोजकों के अनुसार, यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और धर्म अनुयायी शामिल हो रहे हैं। कई स्थानों पर धर्मसभा और गौ संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।
गोरखपुर से शुरू हुई थी यात्रा
शंकराचार्य ने बताया कि 3 मई 2026 को गोरखपुर से शुरू हुई गविष्ठि (गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा अब तक उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से 300 से अधिक क्षेत्रों से होकर गुजर चुकी है।उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य गौ संरक्षण को लेकर जनजागरूकता फैलाना और समाज को इस विषय पर एकजुट करना है। यात्रा के दौरान विभिन्न जिलों में धार्मिक कार्यक्रमों और जनसंवाद के माध्यम से लोगों से संपर्क किया जा रहा है।
24 जुलाई को होगा ‘गौ गर्जन अक्षौहिणी संकल्प’
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि 23 जुलाई को यात्रा लखनऊ पहुंचेगी। इसके बाद 24 जुलाई को दोपहर 12 बजे आशियाना स्थित कांशीराम स्मृति उपवन मैदान में एक बड़ा आयोजन किया जाएगा।इस कार्यक्रम में 2,18,700 धर्म सैनिकों के साथ ‘गौ गर्जन अक्षौहिणी संकल्प’ आयोजित किया जाएगा। इस दौरान गौमाता की रक्षा के लिए धर्मयुद्ध की औपचारिक घोषणा किए जाने की बात कही गई है।
गौ संरक्षण को लेकर अभियान
शंकराचार्य ने कहा कि गौ संरक्षण भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी उद्देश्य को लेकर यह यात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने लोगों से गौ सेवा और संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।लखनऊ में शंकराचार्य की यात्रा को लेकर प्रशासन और आयोजकों की ओर से तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।