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महोबा के सरकारी स्कूल में हेडमास्टर की शर्मनाक हरकत, स्मार्ट क्लास में चलाया अश्लील गाना; वीडियो वायरल होने के बाद निलंबित

 

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय से सरकारी स्कूल की मर्यादा को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक हेडमास्टर ने स्मार्ट क्लास की एलईडी स्क्रीन पर कथित रूप से अश्लील भोजपुरी गाना चला दिया और गाना सुनते-सुनते स्कूल की बेंच पर लेट गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए आरोपी हेडमास्टर को निलंबित कर दिया है।

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यह मामला महोबा जिले के खरेला क्षेत्र स्थित टिकरी प्राथमिक विद्यालय का है। बताया जा रहा है कि बुधवार शाम करीब 4 बजे स्कूल परिसर में स्मार्ट क्लास की एलईडी पर तेज आवाज में भोजपुरी गाना चलाया गया। वीडियो में हेडमास्टर बेंच पर लेटे हुए दिखाई देते हैं, जबकि गाना लगातार बजता रहता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि हेडमास्टर रमेश चंद्र नशे की हालत में थे। उनका कहना है कि विद्यालय परिसर में इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं और हेडमास्टर पर स्कूल में शराब पार्टी करने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, शराब के सेवन संबंधी आरोपों की पुष्टि संबंधित विभागीय जांच के दायरे में है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब एलईडी पर गाना बज रहा था, तब कई ग्रामीणों ने आवाज देकर हेडमास्टर को उठाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि टीवी का रिमोट उनकी बेंच पर ही रखा हुआ था। ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और इसकी शिकायत बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) से की।

शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच कराई। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने हेडमास्टर रमेश चंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गंभीर लापरवाही सामने आई है। उन्होंने कहा कि निलंबन के अलावा अन्य विभागीय कार्रवाई के लिए भी रिपोर्ट में संस्तुति की गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों में अनुशासन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय बच्चों के शिक्षा और संस्कार का केंद्र होता है, ऐसे में इस प्रकार का आचरण न केवल सरकारी सेवा की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की छवि को भी नुकसान पहुंचाता है।

फिलहाल, शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि आगे की जांच में अन्य आरोप भी सही पाए जाते हैं, तो संबंधित हेडमास्टर के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।