शाहजहांपुर में ज्वेलर ने पुलिसकर्मियों पर लगाए गंभीर आरोप, स्मैक रखने और 2 लाख रुपये लेने का दावा
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में पुलिसकर्मियों पर एक ज्वेलर के साथ कथित उत्पीड़न और अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित व्यापारी ने आरोप लगाया है कि चार पुलिसकर्मियों ने उसकी बाइक की डिग्गी में स्मैक रख दी और उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर चौकी ले गए। ज्वेलर का आरोप है कि वहां उसके साथ मारपीट की गई और दो लाख रुपये लेने के बाद उसे छोड़ा गया। पीड़ित व्यापारी ने इस मामले की शिकायत अधिकारियों से कर कार्रवाई की मांग की है। आरोपों के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
बाइक की डिग्गी में स्मैक रखने का आरोप
ज्वेलर का आरोप है कि वह किसी काम से जा रहा था, तभी पुलिसकर्मियों ने उसे रास्ते में रोक लिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसकी बाइक की जांच की और कथित तौर पर डिग्गी में स्मैक रख दी। आरोप है कि इसके बाद उसे पुलिस चौकी ले जाया गया और कार्रवाई का डर दिखाया गया।पीड़ित का कहना है कि उसने खुद को निर्दोष बताया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसकी एक नहीं सुनी और उसके साथ मारपीट की।
चौकी में मारपीट और पैसे लेने का दावा
व्यापारी ने आरोप लगाया कि चौकी में उसके साथ बर्बरता की गई। उसने दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की और प्रताड़ित किया। इसके बाद उससे दो लाख रुपये की मांग की गई।पीड़ित के मुताबिक, उसने चौकी से ही अपने पिता को फोन कर रुपये मंगवाए। पैसे मिलने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसे छोड़ दिया।
शिकायत के बाद जांच शुरू
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों शिकायत को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने कहा है कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।पुलिस विभाग का कहना है कि किसी भी कर्मचारी द्वारा नियमों के विरुद्ध काम करने की पुष्टि होने पर उसे बख्शा नहीं जाएगा।
व्यापारी ने मांगी न्याय की गुहार
पीड़ित ज्वेलर ने वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उसने कहा कि वह निर्दोष है और उसे साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की गई।फिलहाल मामले की जांच जारी है। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि व्यापारी द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।