बांदा में भीषण गर्मी का कहर: 47.6 डिग्री तक पहुंचा पारा, राजस्थान के रेगिस्तानी शहर भी पीछे
उत्तर भारत में गर्मी ने इस बार रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे यह कई बार रेगिस्तानी इलाकों से भी अधिक गर्म दर्ज किया गया है। इस भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
बुंदेलखंड क्षेत्र में लगातार चल रही लू ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और दोपहर के वक्त बाहर निकलना बेहद जोखिम भरा हो गया है। अस्पतालों में भी लू लगने और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
बांदा Banda में दर्ज यह तापमान राजस्थान के कई रेगिस्तानी शहरों को भी पीछे छोड़ चुका है। वहीं, जैसलमेर समेत अन्य शहरों में भी पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे वहां भी गर्मी का प्रकोप बना हुआ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार हीटवेव की तीव्रता सामान्य से अधिक है और इसका असर बुंदेलखंड के साथ-साथ उत्तर और पश्चिम भारत के बड़े हिस्सों में देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ते तापमान ने खेती-किसानी और दैनिक जीवन दोनों को प्रभावित किया है।
मौसम विभाग ने राहत की उम्मीद जताते हुए अगले 72 घंटों के भीतर बारिश का अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि कुछ इलाकों में बादल छाने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने यह भी चेतावनी दी है कि बारिश से पहले तेज हवाएं और आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में गर्मी से राहत की उम्मीद बारिश पर टिकी हुई है, जबकि तब तक लोग भीषण लू का सामना करने को मजबूर हैं।