कानपुर में बिजली विभाग का SDO गिरफ्तार, बेटे की चाहत में ANM को दिए 5 लाख; बच्चा चोरी की रची थी साजिश
उत्तर प्रदेश के कानपुर से बच्चा चोरी की साजिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने बिजली विभाग के एक एसडीओ को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एसडीओ ने बेटे की चाहत में एक एएनएम को पांच लाख रुपये देकर बच्चा चोरी करने की साजिश रची थी। इस मामले में एएनएम को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों के बाद एसडीओ की भूमिका भी सामने आई, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। मामले के खुलासे के बाद विभाग और स्थानीय स्तर पर भी हड़कंप मचा हुआ है।
बेटे की चाहत में रची साजिश
पुलिस के मुताबिक, आरोपी एसडीओ की कथित तौर पर बेटे की चाहत थी। इसी के चलते उसने बच्चा चोरी की योजना बनाने का फैसला किया। आरोप है कि इस साजिश को अंजाम देने के लिए उसने एएनएम से संपर्क किया और उसे पांच लाख रुपये देने की बात तय की।
बताया जा रहा है कि एएनएम की भूमिका बच्चा चोरी की योजना में अहम थी। पुलिस ने जांच के दौरान उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
जांच में सामने आई एसडीओ की भूमिका
एएनएम से पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस को एसडीओ की भूमिका के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने मामले में उसकी संलिप्तता की जांच की और पर्याप्त तथ्य सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बच्चा चोरी की इस साजिश में एसडीओ और एएनएम के अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
पांच लाख रुपये का लेनदेन जांच के घेरे में
पुलिस की जांच में पांच लाख रुपये दिए जाने का आरोप भी महत्वपूर्ण है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि रकम किस तरीके से दी गई और इस लेनदेन से जुड़े अन्य लोग कौन थे।
मामले में पुलिस आरोपी एसडीओ और पहले गिरफ्तार की जा चुकी एएनएम से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के आधार पर बच्चा चोरी की पूरी साजिश और उसके पीछे की वजहों को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस कर रही आगे की जांच
बच्चा चोरी जैसे गंभीर मामले में एसडीओ की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच और तेज हो गई है। पुलिस घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है और आरोपियों के बयानों की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल इस मामले में एसडीओ और एएनएम की भूमिका जांच के दायरे में है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित आरोपियों की जानकारी सामने आ सकती है।