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Sawan Last Somwar: काशी में बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए 2 किमी लंबी कतार, 1 लाख से ज्यादा भक्तों ने किए दर्शन

 

सावन का आज आखिरी सोमवार है और इस पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। काशी, अयोध्या और प्रयागराज में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की करीब 2 किलोमीटर लंबी कतार लगी हुई है।

मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भक्तों को अलग-अलग कतारों में दर्शन कराया जा रहा है। श्रद्धालु हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

1 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

सावन के अंतिम सोमवार पर काशी विश्वनाथ धाम में सुबह से ही भक्तों का पहुंचना जारी है। जानकारी के मुताबिक अब तक 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ रहा है, मंदिर में भक्तों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।श्रद्धालुओं का कहना है कि भीड़ बहुत अधिक है, लेकिन बाबा विश्वनाथ के दर्शन की इच्छा उन्हें घंटों लाइन में खड़े रहने की ताकत दे रही है। कई भक्तों ने बताया कि गर्भगृह में दर्शन का समय कुछ ही सेकेंड का मिलता है, लेकिन बाबा की एक झलक पाने के लिए वे लंबा इंतजार करने को तैयार हैं।

श्रद्धालु बोले- सिर्फ 1-2 सेकेंड की झलक, लेकिन मन को मिली शांति

कतार में खड़े श्रद्धालुओं ने कहा कि मंदिर में पहुंचने और दर्शन के लिए उन्हें काफी समय इंतजार करना पड़ रहा है। बाबा विश्वनाथ के सामने पहुंचने पर दर्शन कुछ ही क्षण के लिए होते हैं। इसके बावजूद उन्हें इस बात की खुशी है कि सावन के अंतिम सोमवार पर महादेव का दर्शन करने का अवसर मिला।एक श्रद्धालु ने कहा कि सिर्फ 1-2 सेकेंड के दर्शन होते हैं, लेकिन उन्हीं कुछ सेकेंड में मन को अलग तरह की शांति मिलती है। भक्तों के लिए बाबा विश्वनाथ की एक झलक भी बेहद खास है।

अयोध्या और प्रयागराज में भी उमड़ी भीड़

काशी के अलावा अयोध्या और प्रयागराज के प्रमुख शिव मंदिरों में भी सुबह से श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र और फूल अर्पित कर रहे हैं। मंदिरों में हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।सावन सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाना और भगवान शिव का स्मरण करना विशेष पुण्यदायी माना जाता है।

सुरक्षा के लिए किए गए विशेष इंतजाम

भारी भीड़ को देखते हुए मंदिरों और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें भीड़ की निगरानी कर रही हैं। श्रद्धालुओं से लगातार अपील की जा रही है कि वे कतार में अनुशासन बनाए रखें और किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें।सावन के अंतिम सोमवार पर काशी समेत पूरे पूर्वांचल में शिवभक्ति का माहौल है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ यह दिखाती है कि भक्तों के लिए महादेव की एक छोटी सी झलक भी घंटों के इंतजार से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।