साढ़ू ने बहुत जाने से रोका, पर मौत बुला ले गई, रागिनी बोली- मेरे बच्चों को दिखा दो
शाहजहांपुर में कटरा-जलालाबाद हाईवे पर हुए हादसे में मृत बनारसी का परिवार पांच दिन से अपनी बहन और बहनोई के घर रह रहा था। इसके बाद वह मंगलवार दोपहर अपने परिवार के साथ मदनपुर में रहने वाले अपने बहनोई विपिन के घर पहुंचे।
दिनभर वहां रहने के बाद जब वह रात को जाने को हुआ तो विपिन ने उसे रोक लिया, लेकिन मौत उसे ले गई। इस दुर्घटना में पिता और दो मासूम बेटों की मौत हो गई। घायल मां-बेटी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं। विपिन ने सुबह अपने परिवार के साथ जाने को कहा था। रात में राजमार्ग पर यात्रा करना अच्छा नहीं है। बनारसी ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण कार्य का उल्लेख किया। बताया जा रहा है कि वह बनारसी इलाके के एक व्यक्ति के लिए ऑटो चलाता था।
परिजनों ने बताया कि बनारसी अभी घर नहीं जाना चाहता था, लेकिन ऑटो मालिक उसे बार-बार फोन कर रहा था। बताया जा रहा है कि ऑटो मालिक ने कुछ बुकिंग कर रखी थी।
वहीं, पुलिस जांच में पाया गया है कि राजमार्ग पर जिस स्थान पर दुर्घटना हुई, वहां सड़क की स्थिति अच्छी है। इस वजह से बड़े वाहन यहां से काफी तेज गति से गुजरते हैं। बनारसी खुद अपने परिवार के साथ ऑटो चला रहे थे। दुर्घटना को देखते हुए पुलिस अनुमान लगा रही है कि किसी बड़े वाहन ने रात के अंधेरे में किसी अन्य वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास किया होगा। गाड़ी की गति अधिक होने के कारण उसे आगे जा रहे ऑटो से टक्कर लग गई।
उन्होंने इसका अनुमान नहीं लगाया और वाहन का एक हिस्सा ऑटो से टकरा गया। अचानक हुई टक्कर के कारण बनारसी ऑटो पर नियंत्रण नहीं रख सका और ऑटो झटके के साथ पलट गया। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है।