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RSS के प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन बोले- विचारों को भ्रमित करने का काम योजनाबद्ध तरीके से हो रहा, सतर्क रहने की जरूरत

 

लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने वर्तमान समय में विचारों को लेकर समाज में भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिशों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोगों के विचारों को भ्रमित करने का कार्य एक योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है। ऐसे में समाज को सतर्क रहने और इस पूरे विषय को गहराई से समझने की आवश्यकता है।

स्वांत रंजन लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज सूचना और विचारों का प्रभाव समाज के हर वर्ग तक तेजी से पहुंच रहा है। ऐसे वातावरण में किसी भी विचार या जानकारी को बिना समझे स्वीकार करना उचित नहीं है। लोगों को विषयों को गहराई से समझने के साथ तथ्यों के आधार पर अपनी राय बनानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विचारों को प्रभावित करने और भ्रमित करने के प्रयास अलग-अलग माध्यमों से किए जा रहे हैं। इसके लिए समाज को सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और उपस्थित लोगों से कहा कि किसी भी विषय को समझने से पहले उसके पीछे की परिस्थितियों और उद्देश्य को जानना जरूरी है।

आरएसएस के प्रचारक प्रमुख ने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। लोगों को केवल किसी सूचना के सामने आने के आधार पर अपनी धारणा नहीं बनानी चाहिए। किसी भी विषय पर विचार करने से पहले उसकी सत्यता और संदर्भ को समझना जरूरी है।

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि युवा वर्ग तेजी से बदलती सूचना व्यवस्था से प्रभावित होता है। ऐसे में युवाओं को सही और गलत के बीच अंतर समझने के लिए तथ्यपरक सोच विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

स्वांत रंजन ने कहा कि विचारों के स्तर पर होने वाले प्रभाव को समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि इसका असर व्यक्ति के साथ-साथ पूरे समाज पर पड़ता है। यदि लोग बिना जांचे-परखे किसी बात को स्वीकार कर लेते हैं तो भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।

उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों को गंभीरता से समझें तथा किसी भी जानकारी को आगे बढ़ाने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें। उनका कहना था कि जागरूकता और सतर्कता के जरिए ही योजनाबद्ध तरीके से फैलाए जा रहे भ्रम का सामना किया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान संगठन से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। स्वांत रंजन के संबोधन में समाज में वैचारिक जागरूकता बढ़ाने और लोगों को सतर्क रहने का संदेश प्रमुख रहा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए केवल जानकारी हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके पीछे के संदर्भ और प्रभाव को समझना भी जरूरी है। समाज को विचारों के स्तर पर मजबूत बनाने के लिए निरंतर संवाद और जागरूकता की आवश्यकता है।

लखनऊ में स्वांत रंजन के इस बयान के बाद विचारों को प्रभावित करने और समाज में भ्रम पैदा करने के मुद्दे पर चर्चा शुरू हो गई है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी विषय को गहराई से समझने के बाद ही अपनी धारणा बनाने की अपील की।