झांसी में बेतवा एक्सप्रेस से 63 लाख रुपये कैश बरामद, सतना से कानपुर ले जा रहा था यात्री
झांसी में बेतवा एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ ने एक यात्री के पास से 63 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद ट्रेन में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि यात्री यह रकम सतना से कानपुर लेकर जा रहा था। नकदी बरामद होने की सूचना मिलने के बाद आयकर विभाग भी सक्रिय हो गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
बी-3 कोच में चेकिंग के दौरान मिली रकम
जानकारी के अनुसार, आरपीएफ की टीम बेतवा एक्सप्रेस में नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम की नजर बी-3 कोच में यात्रा कर रहे एक यात्री पर पड़ी। संदेह के आधार पर यात्री के सामान की जांच की गई। तलाशी के दौरान उसके पास बड़ी मात्रा में नकदी मिली।
जब आरपीएफ ने रकम की गिनती कराई तो कुल 63 लाख रुपये नकद बरामद हुए। इतनी बड़ी रकम देखकर आरपीएफ अधिकारियों ने यात्री से नकदी के संबंध में पूछताछ की और उससे रकम से जुड़े दस्तावेज मांगे।
सतना से कानपुर ले जा रहा था कैश
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यात्री मध्य प्रदेश के सतना से ट्रेन में सवार हुआ था और उसे यह नकदी कानपुर लेकर जाना था। हालांकि इतनी बड़ी रकम वह किस उद्देश्य से ले जा रहा था और रकम का स्रोत क्या है, इस संबंध में जांच की जा रही है।
आरपीएफ ने नकदी बरामद होने के बाद मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी। अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि 63 लाख रुपये कहां से आए और इन्हें कानपुर क्यों ले जाया जा रहा था।
आयकर विभाग ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग को भी सूचना दी गई। आयकर विभाग की टीम नकदी से जुड़े दस्तावेजों और यात्री के बयान की जांच कर रही है। विभाग यह पता लगाने का प्रयास करेगा कि बरामद रकम वैध स्रोत से संबंधित है या नहीं।
इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद उसके इस्तेमाल और लेनदेन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा सकती है। यदि रकम के संबंध में संतोषजनक दस्तावेज नहीं मिले तो आगे नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
चुनाव और बड़े नकद लेनदेन पर रहती है नजर
ट्रेनों में बड़ी मात्रा में नकदी ले जाने के मामलों पर सुरक्षा एजेंसियां विशेष नजर रखती हैं। रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में नियमित चेकिंग के दौरान संदिग्ध सामान और नकदी की जांच की जाती है। बड़ी रकम मिलने पर संबंधित विभागों को सूचना दी जाती है, ताकि रकम के स्रोत और उद्देश्य की पुष्टि की जा सके।
फिलहाल 63 लाख रुपये की बरामदगी के बाद आयकर विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यात्री इतनी बड़ी रकम किस काम से सतना से कानपुर ले जा रहा था और नकदी का वास्तविक स्रोत क्या है।