लखनऊ की CBI कोर्ट से बबलू श्रीवास्तव को राहत, रंगदारी मांगने के मामले में किया दोषमुक्त
लखनऊ की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन ओमप्रकाश श्रीवास्तव उर्फ बबलू श्रीवास्तव को रंगदारी मांगने के एक मामले में दोषमुक्त कर दिया है। उनके खिलाफ आरोप था कि प्रयागराज की नैनी जेल में बंद रहने के दौरान उन्होंने दूसरे व्यक्ति के सिम कार्ड का इस्तेमाल कर कोलकाता के एक होटल से रंगदारी मांगी थी। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद उन्हें आरोपों से बरी कर दिया।
नैनी जेल में रहते हुए रंगदारी मांगने का था आरोप
अभियोजन पक्ष के आरोपों के मुताबिक, बबलू श्रीवास्तव जब प्रयागराज की नैनी जेल में बंद थे, उस दौरान उन्होंने कथित तौर पर किसी दूसरे व्यक्ति के सिम कार्ड का इस्तेमाल किया था। आरोप था कि इसी सिम कार्ड के जरिए कोलकाता के एक होटल से रंगदारी मांगी गई थी।
इस मामले में जांच के दौरान जेल में रहते हुए मोबाइल और सिम कार्ड के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं को भी महत्वपूर्ण माना गया था। हालांकि, अदालत में आरोपों को साबित करने के लिए पेश किए गए साक्ष्यों और दलीलों पर विचार किया गया।
CBI कोर्ट ने किया दोषमुक्त
लखनऊ की CBI कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद बबलू श्रीवास्तव को दोषमुक्त कर दिया। अदालत के इस फैसले से रंगदारी मांगने के इस मामले में उन्हें राहत मिली है। दोषमुक्त किए जाने का अर्थ है कि इस मामले में अदालत ने उनके खिलाफ आरोपों को दोषसिद्धि के स्तर तक साबित नहीं माना।
फैसले की विस्तृत जानकारी का इंतजार
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में अदालत के फैसले के विस्तृत आधार, साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों का पूरा विवरण सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि मामले में अन्य आरोपियों या संबंधित लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई। हालांकि, CBI कोर्ट के फैसले के बाद बबलू श्रीवास्तव को इस रंगदारी मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है।