दिल्ली में गर्मी का रिकॉर्ड असर: अप्रैल में बिजली की मांग 7078 मेगावाट तक पहुंची
राजधानी दिल्ली में इस बार अप्रैल के महीने में ही भीषण गर्मी का असर बिजली की खपत पर साफ दिखाई दे रहा है। बढ़ते तापमान और एयर कंडीशनर-कूलर के अधिक इस्तेमाल के चलते बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में बिजली की मांग पहली बार अप्रैल महीने में 7078 मेगावाट तक दर्ज की गई है। यह सामान्य से काफी अधिक है और लगातार बढ़ती गर्मी की तीव्रता को दर्शाता है।
दिल्ली Delhi में पिछले कुछ दिनों से तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे लोग दिन और रात दोनों समय कूलिंग उपकरणों का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका सीधा असर बिजली की खपत पर पड़ रहा है।
बिजली विभाग के अनुसार, जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों का उपयोग भी बढ़ रहा है, जिससे पावर डिमांड में तेज उछाल देखा जा रहा है। गर्मी के चरम समय में यह मांग और बढ़ने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की बढ़ती मांग से बिजली ग्रिड पर दबाव बढ़ सकता है, इसलिए आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की जरूरत है। हालांकि अभी तक सप्लाई सामान्य बनी हुई है और किसी बड़े पावर कट की सूचना नहीं है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक बिजली खपत से बचें और ऊर्जा की बचत के उपाय अपनाएं, ताकि पीक डिमांड के दौरान सिस्टम पर अधिक दबाव न पड़े।
फिलहाल गर्मी और बिजली की बढ़ती मांग दोनों मिलकर राजधानी की स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना रही हैं, और आने वाले दिनों में स्थिति पर नजर बनाए रखने की आवश्यकता है।