मथुरा में 20 से ज्यादा जगहों पर हुआ रावण दहन, श्रीराम के जयकारों से गूंज उठी कान्हा की नगरी
विजयदशमी के पर्व पर कान्हा की नगरी मथुरा प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठी। शहर से लेकर देहात तक दशहरे का उत्साह देखने को मिला। जिले में 20 से ज्यादा स्थानों पर रावण के पुतले का दहन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग दशहरा उत्सव देखने पहुंचे और बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व धूमधाम से मनाया।
मथुरा शहर में दशहरे का प्रमुख आयोजन रामलीला मैदान में हुआ। यहां रावण दहन देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी। वहीं, देहात क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में भी रावण के पुतले जलाए गए। पूरे जिले में धार्मिक उत्साह और उल्लास का माहौल रहा।
शहर से गांवों तक दिखा दशहरे का उत्साह
विजयदशमी के अवसर पर मथुरा में जगह-जगह दशहरा कार्यक्रम आयोजित किए गए। रामलीला मंचन और रावण दहन के जरिए भगवान श्रीराम की विजय का संदेश दिया गया। कई स्थानों पर लोग परिवार के साथ उत्सव देखने पहुंचे। बच्चों में भी रावण दहन को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया।
दशहरे के पर्व का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया था। इसी परंपरा को निभाते हुए हर साल विजयदशमी पर रावण के पुतले का दहन किया जाता है।
मथुरा में भी इस परंपरा के तहत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजन हुए। प्रभु श्रीराम के जयकारों के बीच रावण दहन के साथ दशहरा पर्व मनाया गया। जिले में 20 से अधिक स्थानों पर हुए आयोजनों ने त्योहार के उत्साह को और बढ़ा दिया।
विजयदशमी देता है अच्छाई की राह पर चलने का संदेश
विजयदशमी केवल रावण दहन का पर्व नहीं है, बल्कि यह अहंकार, अन्याय और बुराई पर सत्य तथा धर्म की जीत का प्रतीक भी है। मथुरा में आयोजित दशहरा कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को यही संदेश दिया गया कि जीवन में हमेशा सत्य और अच्छाई का साथ देना चाहिए।