राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: करोड़ों की संपत्ति के आरोपों पर कर्मचारी टिन्नू की सफाई, वीडियो में जाने FIR को लेकर सियासत भी तेज
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में मंगलवार को नया घटनाक्रम सामने आया। मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने वीडियो जारी कर अपने ऊपर लग रहे आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि उनकी संपत्ति को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं और सच को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।
वीडियो संदेश में टिन्नू ने कहा कि जिस जमीन की मौजूदा कीमत करीब 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है, उसे उन्होंने साल 2008 में खरीदा था। उनका कहना है कि उस समय जमीन की कीमत काफी कम थी और उन्होंने वर्षों की मेहनत तथा ऑटो चलाकर की गई कमाई से इसे खरीदा था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मंदिर में चढ़ावे की गिनती या उसके प्रबंधन से कोई संबंध नहीं है।
रामशंकर यादव ने कहा कि कुछ लोग उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने 50 करोड़ रुपये की संपत्ति होने के दावों को दुष्प्रचार करार देते हुए कहा कि सत्य क्या है, इसका फैसला भगवान श्रीराम करेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि जल्द ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।
वहीं, चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर पुलिस तक अब तीन अलग-अलग शिकायतें पहुंच चुकी हैं। पहली शिकायत धर्मसेना के संस्थापक संतोष दुबे की ओर से दी गई है। इसके बाद उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने भी मामले की जांच की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई। तीसरी शिकायत करणी सेना की ओर से दी गई है। इन शिकायतों में मंदिर के चढ़ावे और उससे जुड़ी वित्तीय गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई गई है।
हालांकि, शिकायतें मिलने के बावजूद पुलिस ने अभी तक किसी भी मामले में FIR दर्ज नहीं की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राप्त शिकायतों की जांच की जा रही है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। FIR दर्ज न होने को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
इस बीच मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि भगवान की FIR सबसे बड़ी होगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आम लोगों द्वारा कराई जाने वाली कानूनी FIR का क्या होगा, यह सरकार को बताना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
राम मंदिर देश की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है, ऐसे में चढ़ावे से जुड़े किसी भी आरोप को गंभीरता से देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि मामले में कोई ठोस सबूत सामने आते हैं तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल, आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक बयानबाजी के बीच पूरे मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।