राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: फ्लाइट में दिखे आरोपी गोपाल राव, वीडियो में देंखे यात्रियों ने लगाए 'चढ़ावा चोर' के नारे; 6 जुलाई की ट्रस्ट बैठक पर सबकी नजर
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी और मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को फ्लाइट में देखकर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने विमान के अंदर ही 'चंदा चोर' और 'चढ़ावा चोर' के नारे लगाए। वहीं, दूसरी ओर राम मंदिर ट्रस्ट ने 6 जुलाई को होने वाली अहम बैठक का एजेंडा जारी कर दिया है, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसला लिया जाएगा।
फ्लाइट में हुआ विरोध, यात्रियों ने लगाए नारे
जानकारी के अनुसार, यह घटना 2 जुलाई की है। मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव सुबह 7:05 बजे लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट से इंडिगो की फ्लाइट 6E0231 से बेंगलुरु के लिए रवाना हो रहे थे। इसी दौरान कुछ यात्रियों ने उन्हें पहचान लिया और उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।यात्रियों ने 'चंदा चोर' और 'चढ़ावा चोर' जैसे नारे लगाए, जिससे कुछ देर के लिए विमान का माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को संभालने के लिए केबिन क्रू ने हस्तक्षेप किया और यात्रियों को शांत कराया। इसके बाद फ्लाइट ने निर्धारित समय पर उड़ान भरी।
6 जुलाई को होगी राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक
इधर, राम मंदिर ट्रस्ट ने 6 जुलाई को होने वाली बैठक का एजेंडा जारी कर दिया है। इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर निर्णय लिया जाएगा।इसके अलावा चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट पर भी चर्चा होगी। बैठक में मंदिर प्रबंधन की व्यवस्थाओं की समीक्षा और आगे की कार्ययोजना पर भी विचार किया जाएगा।
सजावट में गड़बड़ी के आरोप भी आए सामने
सूत्रों के मुताबिक, रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान मंदिर की सजावट में भी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि सजावट का काम अलग-अलग ठेकेदारों को सौंपा गया था।आरोप है कि बाद में अतिरिक्त कार्य दिखाकर कुछ ठेकेदारों को निर्धारित राशि से अधिक भुगतान किया गया। इन आरोपों को लेकर भी ट्रस्ट की बैठक में चर्चा होने की संभावना है।
बैठक के फैसलों पर रहेगी नजर
राम मंदिर से जुड़े इस पूरे विवाद के बीच 6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट, ट्रस्ट पदाधिकारियों के इस्तीफों पर फैसला और मंदिर प्रबंधन में कथित अनियमितताओं पर होने वाली चर्चा से आगे की स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है।