राम मंदिर ट्रस्ट को चाहिए नया CEO, डिग्री नहीं 'राम भक्ति' होगी सबसे बड़ी योग्यता
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान विवाद के बाद नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है। ट्रस्ट अब ऐसे अधिकारी की तलाश में है, जो प्रशासनिक क्षमता के साथ-साथ भगवान श्रीराम के प्रति गहरी आस्था और समर्पण रखता हो। ट्रस्ट की सर्च कमेटी का मानना है कि इस महत्वपूर्ण पद के लिए केवल शैक्षणिक डिग्री ही नहीं, बल्कि 'राम भक्ति' और सेवा भाव भी सबसे अहम योग्यता है।
सर्च कमेटी क्या है?
नए CEO के चयन के लिए ट्रस्ट ने एक सर्च कमेटी बनाई है। यह समिति योग्य उम्मीदवारों के नामों पर विचार करेगी, उनके अनुभव, प्रशासनिक क्षमता और धार्मिक व नैतिक मूल्यों का आकलन करेगी। इसके बाद समिति अपनी सिफारिश ट्रस्ट के समक्ष रखेगी और अंतिम निर्णय ट्रस्ट द्वारा लिया जाएगा।
सर्च कमेटी में कौन-कौन हैं?
सर्च कमेटी में ट्रस्ट से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले सदस्य शामिल हैं। समिति का उद्देश्य ऐसे व्यक्ति का चयन करना है, जो मंदिर के प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन और श्रद्धालुओं से जुड़े कार्यों को पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संचालित कर सके।
CEO के लिए क्या होंगी प्रमुख शर्तें?
ट्रस्ट के अनुसार, नए CEO के चयन में निम्न बिंदुओं को प्रमुखता दी जाएगी—
- भगवान श्रीराम के प्रति गहरी आस्था और सेवा भाव।
- प्रशासनिक और प्रबंधन का अनुभव।
- ईमानदार, पारदर्शी और जवाबदेह कार्यशैली।
- बड़े संस्थानों या परियोजनाओं के संचालन का अनुभव।
- मंदिर की गरिमा और ट्रस्ट की परंपराओं के अनुरूप कार्य करने की क्षमता।
ट्रस्ट का कहना है कि केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि उम्मीदवार का आचरण, कार्यशैली और धार्मिक मूल्यों के प्रति समर्पण भी अहम भूमिका निभाएगा।
दान विवाद के बाद बढ़ी पारदर्शिता की जरूरत
हाल के दान विवाद के बाद ट्रस्ट प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में नए CEO की नियुक्ति को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि नया अधिकारी मंदिर के प्रशासनिक कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करेगा और श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत करेगा।
ट्रस्ट की ओर से फिलहाल नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। सर्च कमेटी योग्य उम्मीदवारों के नामों पर विचार करने के बाद अपनी सिफारिश ट्रस्ट को सौंपेगी, जिसके बाद नए CEO के नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी।