राजू पाल हत्याकांड के दोषियों को जमानत, पूजा पाल ने जताया कड़ा विरोध, सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
प्रयागराज से एक बड़ी कानूनी और राजनीतिक खबर सामने आई है। बहुचर्चित राजू पाल हत्याकांड में दोषी करार दिए गए आबिद प्रधान और जावेद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। जमानत मिलने पर दिवंगत विधायक राजू पाल की पत्नी और समाजवादी पार्टी से निष्कासित पूर्व विधायक पूजा पाल ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इस फैसले को अनुचित बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पूजा पाल का कहना है कि आरोपियों को जमानत महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर और गलत तरीके से मिली है, जो न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
पूजा पाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह मामला उनके पति की निर्मम हत्या से जुड़ा है और इसमें न्याय की लड़ाई लंबे समय से चल रही है। ऐसे में आरोपियों को जमानत मिलना पीड़ित परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने दावा किया कि अदालत के सामने कई महत्वपूर्ण तथ्यों को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके कारण यह निर्णय आया है।
उन्होंने आगे कहा कि वह इस पूरे मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी और आरोपियों की जमानत रद्द कराने के लिए हर संभव कानूनी कदम उठाएंगी। पूजा पाल ने यह भी कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि उच्चतम न्यायालय से उन्हें न्याय मिलेगा।गौरतलब है कि राजू पाल हत्याकांड उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित राजनीतिक हत्याकांडों में से एक माना जाता है। इस मामले ने लंबे समय तक प्रदेश की राजनीति को प्रभावित किया था और अभी भी यह मामला सुर्खियों में बना रहता है।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद एक ओर जहां आरोपी पक्ष को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार और उनके समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है। राजनीतिक गलियारों में भी इस निर्णय को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।फिलहाल, इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका पर क्या रुख अपनाया जाता है और क्या जमानत पर कोई नई कानूनी कार्रवाई होती है या नहीं।