राहुल गांधी अपने गढ़ पहुंचे, जोरदार स्वागत; आज मनरेगा चौपाल से केंद्र सरकार पर साधेंगे निशाना
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सोमवार देर रात अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे। उनके आगमन पर पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आम जनता ने जगह-जगह जोरदार स्वागत किया। समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला और गेस्ट हाउस तक उनका काफिला नारों और स्वागत के बीच पहुंचा।
गेस्ट हाउस पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियों, बूथ स्तर पर हो रहे कार्यों और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की जानकारी ली। बैठक में संगठन को मजबूत करने और जनता से सीधे संवाद बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके बाद राहुल गांधी ने गेस्ट हाउस में ही रात्रि विश्राम किया।
एक दिनी दौरे में जनसंवाद पर फोकस
राहुल गांधी का यह दौरा पूरी तरह जनसंवाद केंद्रित है। मंगलवार को वे क्रिकेट की पिच से लेकर गांव की चौपाल तक जाकर आम लोगों से सीधे संवाद करेंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी युवाओं, खिलाड़ियों, किसानों और मजदूरों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और फीडबैक लेंगे।
मनरेगा चौपाल में सरकार पर हमला
मंगलवार को राहुल गांधी रोहनिया ब्लॉक के उमरन गांव में मनरेगा चौपाल लगाएंगे। इस चौपाल के जरिए वे मनरेगा योजना की कथित उपेक्षा और मजदूरों को मिल रहे कम काम व भुगतान में देरी जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोल सकते हैं। कांग्रेस का आरोप रहा है कि मौजूदा सरकार ने ग्रामीण रोजगार योजनाओं को कमजोर किया है।
चौपाल के दौरान ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर राहुल गांधी जमीनी हकीकत सामने लाने की कोशिश करेंगे। माना जा रहा है कि मनरेगा को लेकर उनका यह कार्यक्रम आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
विकास कार्यों का लोकार्पण
अपने दौरे के दौरान राहुल गांधी गेस्ट हाउस में सांसद निधि से करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बने विकास कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे। इनमें सड़क निर्माण, बरातघर और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ये परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर पूरी की गई हैं।
सियासी संदेश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह दौरा केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए वे संगठन को सक्रिय रखने और केंद्र सरकार की नीतियों पर सीधा हमला करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। मनरेगा चौपाल के माध्यम से ग्रामीण और मजदूर वर्ग को साधने की कोशिश भी इस दौरे का अहम हिस्सा मानी जा रही है।