पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षा समारोह 27 जुलाई को: डिग्री और मेडल के साथ होगा ‘मां-बेटी सम्मान’ कार्यक्रम
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षा समारोह इस बार खास अंदाज में आयोजित किया जाएगा। विश्वविद्यालय में 27 जुलाई को होने वाले इस समारोह में केवल उपाधियों और स्वर्ण पदकों का वितरण ही नहीं होगा, बल्कि कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की पहल पर एक विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
दीक्षा समारोह के तुरंत बाद उसी दिन ‘मां-बेटी सम्मान’ कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है। इस पहल का उद्देश्य बेटियों की उपलब्धियों में माताओं के योगदान को सम्मान देना है।
मां के योगदान को मिलेगा सम्मान
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस कार्यक्रम के माध्यम से उन माताओं को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने अपनी बेटियों की शिक्षा और सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल लगातार शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों को जोड़ने वाली पहलों पर जोर देती रही हैं। इसी कड़ी में दीक्षा समारोह के साथ यह नया कार्यक्रम जोड़ा गया है।
मेधावी विद्यार्थियों को मिलेंगी उपाधियां
30वें दीक्षा समारोह में विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया जाएगा।
समारोह में विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षक, विद्यार्थी और गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे।
तैयारियों में जुटा विश्वविद्यालय प्रशासन
दीक्षा समारोह को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं, मंच संचालन, सुरक्षा और अन्य जरूरी इंतजामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि इस बार दीक्षा समारोह को यादगार बनाने के लिए शिक्षा के साथ सामाजिक संदेश देने वाले कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया है।
शिक्षा और संस्कार का संगम बनेगा समारोह
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि मां-बेटी सम्मान कार्यक्रम से विद्यार्थियों और समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में परिवार की भूमिका और बेटियों की उपलब्धियों को नई पहचान देने का काम करेगी।
27 जुलाई को होने वाला यह दीक्षा समारोह उपाधि वितरण के साथ सामाजिक सम्मान और प्रेरणा का भी मंच बनेगा।