प्रयागराज में IAS अधिकारी के मकान में देह व्यापार का खुलासा, 4 युवतियों के साथ 5 युवक और किराएदार गिरफ्तार
प्रयागराज के कीड़गंज इलाके में एक मकान में लंबे समय से अवैध देह व्यापार संचालित किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह मकान कथित तौर पर एक महिला आईएएस अधिकारी के नाम पर था, जिसे किराए पर दिया गया था। मकान किराए पर लेने वाले व्यक्ति ने शुरुआती तौर पर बताया कि वह परिवार के साथ यहां रहना चाहता है, लेकिन बाद में इसका इस्तेमाल अवैध और अनैतिक गतिविधियों के लिए करने लगा।
सूत्रों के मुताबिक, मकान करीब 15 हजार रुपये मासिक किराए पर लिया गया था। पड़ोसियों ने पुलिस को जानकारी दी कि मकान में अक्सर संदेहास्पद गतिविधियां होती रहती थीं और अजनबी लोग रात के समय आते-जाते दिखाई देते थे। पड़ोसियों की शिकायत के बाद स्थानीय पुलिस ने मकान पर छापा मारा और अवैध देह व्यापार का खुलासा किया।
पुलिस के अनुसार, मकान में सक्रिय कारोबारियों और ग्राहकों के साथ कई लोगों की पहचान की गई है। मकान में काम कर रही महिलाओं को भी हिरासत में लिया गया है ताकि उनकी सुरक्षा और सही पहचान सुनिश्चित की जा सके। पुलिस ने मकान के किराएदार को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार, मकान किराए पर लेने वाला व्यक्ति ने महिला आईएएस अधिकारी के नाम का गलत इस्तेमाल किया। अधिकारी ने मीडिया को बताया कि उनका मकान अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने की जानकारी उन्हें बाद में मिली। उन्होंने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि मकान के किराएदार के अन्य साथी और सहयोगी कहां-कहां सक्रिय थे और इस अवैध कारोबार में कितने लोग शामिल थे। शुरुआती पूछताछ में मकान किराएदार ने अपना अपराध स्वीकार किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शहर के कुछ इलाकों में इस तरह के अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहे हैं, लेकिन पड़ोसियों और नागरिकों की सतर्कता के कारण कई मामलों का पर्दाफाश होता है। पुलिस ने अपील की है कि लोग किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
इस घटना ने प्रशासन और शहरवासियों के बीच चिंता पैदा कर दी है। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में आरोपी को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में सजा का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, मकान के वास्तविक मालिक और अधिकारियों के नाम का गलत इस्तेमाल किए जाने की जांच भी महत्वपूर्ण है।
प्रयागराज पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच कर रही है और मकान में संचालित अवैध गतिविधियों के सभी पहलुओं का पता लगाने में जुटी है। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि इस प्रकार के मामलों को रोकने के लिए निगरानी और कड़े कदम उठाए जाएंगे।