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उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां तेज, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक

 

उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2026 को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देने में तेजी ला दी है। राज्य प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य, बिजली, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है।

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दर्जनों विभागों के अधिकारी एक छत के नीचे जुटे और चारधाम यात्रा के सभी पहलुओं पर चर्चा की। बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि इस साल आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि यात्रा मार्ग पर सभी जिलों में अस्थायी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, कोरोना और अन्य संक्रामक बीमारियों को देखते हुए सुरक्षा और सैनिटाइजेशन उपाय भी किए जाएंगे।

सफाई और स्वच्छता विभाग ने बताया कि पूरे यात्रा मार्ग पर कचरा निपटान, शौचालय और पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। साथ ही सड़क किनारे कचरा न डालने के लिए विशेष टीमें भी तैनात की जाएंगी।

पावर और बिजली विभाग ने आश्वासन दिया कि चारधाम यात्रा मार्ग और प्रमुख ठहराव स्थलों पर बिजली की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। यह कदम विशेष रूप से रात में यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यातायात और पुलिस विभाग ने बताया कि प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक कंट्रोल, गाइड और साइन बोर्ड की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, केंद्र और राज्य पुलिस बल की संयुक्त तैनाती के साथ-साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए जाएंगे।

बैठक में यह भी तय किया गया कि यात्रा मार्ग पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन का मार्गदर्शन, शेड्यूल और चेतावनी संकेत समय-समय पर लगाए जाएंगे। इसके अलावा, भूस्खलन और मौसम संबंधित आपदाओं के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने विशेष निगरानी टीम बनाई है।

मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि हो और किसी भी प्रकार की शिकायत को त्वरित रूप से निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा न केवल धार्मिक महत्व की है, बल्कि यह राज्य के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की पूर्व तैयारी और समन्वित प्रयास यात्रा को सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन कर सकें।

कुल मिलाकर, उत्तराखंड सरकार की यह पहल चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन की सक्रिय तैयारी और विभागों के समन्वित प्रयास से इस साल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा और सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।