×

प्रयागराज में जलभराव पर हाईकोर्ट सख्त: 24 घंटे में निचले इलाकों से पानी निकालने के निर्देश, अगली सुनवाई में मांगा जवाब

 

प्रयागराज में भारी बारिश के बाद बने जलभराव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया कि निचले इलाकों में जमा पानी को 24 घंटे के भीतर निकालने की व्यवस्था की जाए।

सुनवाई के दौरान अदालत ने जलभराव की स्थिति को लेकर नाराजगी जताई और अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी। कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई के दौरान यह सुनने को नहीं मिलना चाहिए कि निचले इलाकों में अभी भी पानी भरा हुआ है। अदालत ने प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

भारी बारिश के बाद प्रयागराज के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूब गईं और घरों के आसपास भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

हाईकोर्ट ने प्रशासन से कहा कि जल निकासी को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए जरूरी संसाधनों और मशीनरी का इस्तेमाल करते हुए प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकालने की कार्रवाई तेज की जाए। अदालत ने अधिकारियों को स्थिति की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए।

कोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासनिक अमले में भी हलचल बढ़ गई है। जलभराव वाले इलाकों को चिह्नित कर पानी निकालने की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी की जा रही है। नगर निगम और संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

बारिश के बाद जलभराव की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि कई इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। इससे सड़क यातायात प्रभावित होने के साथ लोगों को रोजमर्रा के कामों में भी परेशानी होती है।

हाईकोर्ट की ओर से दिए गए निर्देशों के बाद अब प्रशासन के सामने तय समय सीमा में जलभराव की समस्या दूर करने की चुनौती है। अगली सुनवाई में अधिकारियों को अदालत के सामने स्थिति की जानकारी देनी होगी।

अदालत की सख्त टिप्पणी से साफ है कि जलभराव को लेकर प्रशासन की जवाबदेही तय की जा रही है। अब देखना होगा कि अगले 24 घंटे में निचले इलाकों से पानी निकालने के निर्देश पर प्रशासन कितनी तेजी से अमल करता है और अगली सुनवाई तक प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति कितनी सुधरती है।